स्कूली परीक्षा में बच्चों ने खराब प्रदर्शन किया तो नपेंगे प्रधानाध्यापक


मिथिला पब्लिक न्यूज, डेस्क ।


शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक ने शिक्षा में व्यापक सुधार के लिए एक नई पहल मिशन दक्ष शुरू की है. अब मिशन दक्ष के तहत कमजोर बच्चों को चिन्हित किया जाएगा. उनके लिए अलग से कक्षाएं होगी. इसके बाद भी अगर बच्चे खराब प्रदर्शन करते हैं, तो इसका जिम्मेवार प्रधानाध्यापक को माना जाएगा.

मिशन दक्ष कार्यान्वयन के लिए विस्तृत दिशा निर्देश भी दिए गए हैं. बताया गया है कि विद्यालय के शैक्षणिक माहौल में सुधार हुआ है, लेकिन इस बीच एक बात सामने आयी है कि हर विद्यालय के प्रत्येक कक्षा में कुछ छात्र पिछड़ रहे हैं. खासकर ऐसे छात्र है जो पढ़ाई में बहुत कमजोर हैं.

अक्सर देखा जाता है कि कक्षाओं में कुछ छात्र अत्यंत मेधावी होते हैं, कुछ औसत और कुछ बहुत ही कमजोर होते हैं. वे इतने कमजोर होते हैं कि वह साक्षर भी नहीं कहे जा सकते हैं. यानी कि वह हिंदी भाषा का एक शब्द भी सही सही नहीं पढ़ पाते हैं. इसका परिणाम यह होता है कि वे दसवीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाते हैं. जिससे वे स्कूल से ड्रॉप आउट हो जाते हैं.

शिक्षा विभाग ऐसे कमजोर छात्रों के लिए मिशन दक्ष प्रारंभ कर रहा है. जो 1 दिसंबर से शुरू होगा. पहले चरण में जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में कक्षा तीन से कक्षा 8 तक के ऐसे सभी विद्यार्थियों को चिन्हित किया जाएगा,  जो की पढ़ाई में बहुत कमजोर हैं. इन्हें चिन्हित करने का कार्य 30 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा.

सभी प्रारंभिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वह कक्षा एक से आठ तक के ऐसे छात्रों को चिन्हित करें. ऐसे छात्रों को चिन्हित करने के लिए तीन अहर्ताएं होगी. जैसे जो छात्र हिंदी के कुछ वाक्य लगातार नहीं पढ़ या लिख नहीं सकते हैं. जो मौलिक गणित बनाने में भी सक्षम नहीं हैं. ऐसे चिन्हित छात्रों को सभी प्रारंभिक विद्यालयों में विद्यालय गतिविधि समाप्त होने के बाद अथवा मध्याह्न भोजन अवधि के बाद इन छात्रों की विशेष कक्षाएं संचालित होगी. जिसमें संबंधित विद्यालय के अध्यापक शिक्षक उन्हें पढ़ाएंगे.

इन छात्रों को झुंड में नहीं पढ़ाया जा सकता है क्योंकि इन्हें व्यक्तिगत ध्यान देने की आवश्यकता है. अतः ऐसे छात्रों के लिए यह अनुपात सुनिश्चित करना होगा कि एक शिक्षक पांच से ज्यादा छात्रों को नहीं पढ़ाये. प्रारंभिक विद्यालयों में इन शिक्षकों का दायित्व होगा कि वह पांच छात्रों को गोद लें और उन्हें कक्षा के योग्य बनाएं. जिस कक्षा में वह तकनीकी रूप से नामांकन कराए हुए हैं.

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