
मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
सदर अस्पताल पियक्कड़ों का सेफ जोन बन गया है. रोज शाम यहां पियक्कड़ एवं दलालों का जमावड़ा लगा रहता है. जिन्हें सदर अस्पताल के कुछ डॉक्टर व कर्मियों का संरक्षण प्राप्त है. स्वास्थ्य प्रशासन जानकर भी अनदेखी कर रही है, क्योंकि इन पियक्कड़ों में कुछ उनके कर्मी भी हैं. सदर अस्पताल परिसर में एक बार फिर काफी संख्या में शराब की बोतलें मिलने से यह चर्चा में आ गयी है.

गुरुवार की शाम मीडिया में खबर चलने के बाद उत्पाद विभाग की टीम हड़कत में आ गयी है. देर रात उत्पाद विभाग की टीम ने सदर अस्पताल परिसर में सर्च अभियान चलाया और कर्मचारियों से पूछताछ भी की. लेकिन उसे ना तो शराब की बोतल मिली और ना ही कोई पियक्कड़ मिला.

सूत्रों की मानें तो मीडिया में खबर चलने के बाद उत्पाद विभाग ने सिर्फ खानापूरी की थी. उत्पाद विभाग के टीम के पहुंचने से पहले ही सदर अस्पताल के गार्डों एवं कर्मचारियों की मदद से शराब की कुछ खाली बोतलों को हटा दिया गया था.

इतना ही नहीं उत्पाद विभाग की टीम जांच के नाम पर बस खानापूर्ति ही कर रही थी. सदर अस्पताल परिसर में किसी की ब्रेथ एनालाइजर से जांच तक नहीं की गयी. कहा जा रहा है कि अगर ब्रेथ एनालाइजर से इमरजेंसी वार्ड के आसपास मौजूद लोगों की जांच की जाती तो कई लोग नशे की हालत में पकड़े जाते. लेकिन ऐसा नहीं किया जाना उत्पाद विभाग पर सवाल खड़ा कर रहा है.

















