
मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
समस्तीपुर में दुष्कर्म के बाद नाबालिग किशोरी की हत्या करने के मामले में आरोपी को 10 साल बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. पॉस्को कोर्ट के न्यायाधीश कैलाश जोशी ने शुक्रवार को आरोपी को सजा सुनाई. साथ ही उसे 20 हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.


आरोपित
चकमेहसी थाना क्षेत्र का जगत पासवान बताया जाता है. उधर, आरोपी को सजा सुनाए जाने के साथ ही न्यायाधीश कैलाश जोशी ने मृतका के परिजन को भी मुआवजा देने का आदेश दिया है. जिसमें सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए मुआवजा के रूप में देने को कहा है.


जानकारी के अनुसार घटना वर्ष 2013 के दिसंबर माह की है. बताया जाता है कि पीड़ित किशोरी नित्यक्रिया के लिए अपने घर से अहले सुबह निकली थी. इसी दौरान उसके साथ घटना को अंजाम दिया गया था. उसकी लाश चौर में मिली थी. मृतका के पिता ने चकमेहसी थाना में दुष्कर्म एवं हत्या कर लाश को चौर में फेंक देने की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें अरुण पासवान के पुत्र जगत पासवान को आरोपित किया गया था.

पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. पॉस्को न्यायालय में सूचक के तरफ से अधिवक्ता भारतेंदु पाठक, बचाव पक्ष से अधिवक्ता रजनी रंजन एवं सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक विनोद कुमार ने अपना-अपना पक्ष रखा.













