80 लाख का प्रोजेक्ट, 80 दिन भी मरीजों को नहीं मिली सुविधा

सदर अस्पताल का खराब पड़ा ऑक्सीजन प्लांट


मिथिला पब्लिक न्यूज़, डेस्क ।

– स्वास्थ्य व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा सदर अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट
– नहीं कराया जा सका मरम्मत, 6 महीनों से खराब पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट
– जिले के सरकारी अस्पतालों में लगे अधिकतर ऑक्सीजन प्लांट हैं बंद

जिला अस्पताल में करीब दो साल पूर्व 80 लाख रुपए की लागत से ऑक्सीजन (पीएसए) प्लांट लगाया गया था. इस जीवनदायिनी प्रोजेक्ट से मरीजों की जान बचाने में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद थी. लेकिन यह खुद विभागीय कुव्यवस्था की भेंट चढ़ गया. 80 लाख के इस प्रोजेक्ट का मरीजों को सही तरीके से 80 दिन भी लाभ नहीं मिला.

अब इमरजेंसी वार्ड के सामने खराब पड़ा यह ऑक्सीजन प्लांट स्वास्थ्य व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है. वैसे तो उदघाटन के बाद से आज तक कभी भी यह प्लांट सही तरीके से नहीं चल पाया. पिछले 6 महीनों से यह लगातार बंद पड़ा है. जिस कम्पनी को मेंटेनेंस करना था, उसका एग्रीमेंट भी खत्म हो चुका है. कम्पनी द्वारा सही तरीके से मेंटेनेंस नहीं किये जाने के कारण इसका इलेक्ट्रिक पैनल खराब हो चुका है. जिस वजह से ऑक्सीजन प्यूरिफिकेशन भी सही नहीं आ रहा है.

सूत्रों की मानें तो कम्पनी से पिछले 9 महीने से एग्रीमेंट रिन्युअल नहीं किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूरी करने में जुटे हैं. जिसका परिणाम है कि बाहर से ऑक्सीजन खरीदा जा रहा है. बताया जाता है कि इस पीएसए प्लांट की मेंटेनेंस एवं चलाने के लिए मैन पावर जिम्मेदारी अलग अलग निजी कंपनी के हाथों में दी गयी थी. जिस कारण से ऑक्सीजन प्लांट का कभी सही तरीके से संचालन नहीं हो पाया.

मात्र एक कर्मी के भरोसे शुरू हुआ यह प्लांट काफी समय तक मेनिफोल्ड से नहीं जुड़ने एवं विद्युत कनेक्शन नहीं मिलने के कारण भी ठप ही रहा था. वैसे जिले में सदर अस्पताल का प्लांट ही एकलौता प्लांट नहीं जो महिनों से ठप पड़ा है, बल्कि उजियारपुर, ताजपुर और दलसिंहसराय आदि जगहों पर लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट भी महीनों से अलग अलग कारणों से बंद पड़ा है. ताजपुर में तो आज तक चालू ही नहीं किया जा सका.


कोरोना काल में लगा था ऑक्सीजन प्लांट :


कोरोना काल के दूसरे फेज के समय ऑक्सीजन की काफी किल्लत हुई थी. जिसके बाद सभी जिलों के भांति समस्तीपुर में भी कई स्थानों पर पीएम केयर्स फंड एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से ऑक्सीजन प्लांट लगवाये गये थे. ताकि अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को पाइपलाइन के जरिये बेड पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा सके.

जिले के सदर अस्पताल सहित रोसड़ा, दलसिंहसराय, पटोरी एवं पूसा, उजियारपुर, ताजपुर आदि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था. जिसमें सदर अस्पताल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 500 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) वहीं पटोरी अनुमंडल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 500 एलपीएम, रोसड़ा एवं दलसिंहसराय में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता ढाई-ढाई सौ एलपीएम एवं पूसा अनुमंडलीय अस्पताल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 200 एलपीएम थी.



क्या कहते हैं अधिकारी :
ऑक्सीजन प्लांट तकनीकी गड़बड़ियों के कारण बंद पड़ा है. इसकी प्यूरिटी बहुत खराब हो चुका है. इस गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए विभाग से पत्राचार भी किया गया है. तत्काल ऑक्सीजन के बड़े सिलेंडर एवं कंसंट्रेटर मशीन की मदद से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है.
डॉ गिरीश कुमार, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, समस्तीपुर।

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