
मिथिला पब्लिक न्यूज़, डेस्क ।
मौसम बड़ी तेजी से बदल रहा है. दिन में तेज धूप और रात में अत्यधिक ठंड आम जनजीवन को परेशान करने लगी है. इससे कई तरह की बीमारियां भी पैर पसारने लगी है. खासकर डायरिया, वायरल फीवर, सर्दी जुकाम एवं दम फूलने की समस्या बच्चों को परेशान कर रही है. बच्चों में इसकी शिकायत होने पर सबसे ज्यादा लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं.

सदर अस्पताल के शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ नागमणि राज का कहना है कि सर्दी और गर्मी के इस मिले जुले मौसम में बच्चों एवं बड़े बुजुर्गों के साथ साथ हमें अपने सेहत का भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. अगर आपने जरा भी लापरवाही की तो आपके बच्चे सर्दी, जुकाम, फीवर, डायरिया, पेट दर्द व दम फूलने जैसी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं.

उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्या लेकर प्रतिदिन काफी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं. जिनमें कुछ गंभीर रूप से बीमार बच्चों को भर्ती तक करना पड़ता है. पिछले 25 दिनों में करीब 44 बच्चों को पीकू वार्ड में भर्ती किया गया है. जिनमें 28 को सर्दी, जुकाम, फीवर, डायरिया, पेट दर्द व दम फूलने आदि की शिकायत थी. इसलिए इस मौसम में साफ-सफाई एवं कुछ खास बातों का विशेष ख्याल रखकर हम अपने बच्चों एवं अपनों को इन मौसमी बीमारियों से दूर रख सकते हैं.

बच्चों का रखें खास ख्याल :
संवेदना हॉस्पीटल के निदेशक एवं शहर के जाने माने शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रजेश कुमार बताते हैं कि बच्चों पर इस मौसम में विशेष ध्यान देना चाहिए. नहीं तो वे वायरल फीवर, डायरिया, निमोनिया सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्या लेकर प्रतिदिन काफी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं.

इस समय बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार और डायरिया एवं दम फूलने की शिकायत ज्यादा है. बच्चों को जब डायरिया व वायरल फीवर हो तो उस समय पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस का घोल व पैरासिटामाॅल सीरप देना चाहिए. बच्चों को सभी टीके समय पर लगवाने चाहिए. यदि बच्चे को डायरिया या वायरल फीवर हुई हो तो उन्हें तुरंत ओआरएस के घोल देने के साथ आप चावल व दाल का पानी बच्चे को कुछ कुछ समय के अंतराल पर दे सकते हैं.


डॉक्टर से तुरंत मिलें, अगर आपके बच्चे :
– तीन या ज़्यादा घंटों से डायपर गीला न किया हो
– 102 डिग्री या उससे ज़्यादा बुखार हो
– बच्चे का मल खून वाला या काला हो
– जब दस्त में 24 घंटे बाद कोई सुधार न हो
– बेसुध हो, मुंह सूखा हो या बिना आंसू के रोता हो
– उसकी आंखें, गाल या पेट अंदर धंसे हुए लगें

बच्चों के देखभाल में इन बातों का रखें ख्याल :
– शिशु को छूने से पहले अपने हाथों को धो लें
– छह महीने तक के नवजात शिशु को मां का दूध पिलाएं
– नवजात शिशु को समय से सभी टीका लगवाएं
– सर्दियों में बच्चे के बेडरूम का तापमान गर्म बनाए रखें
– अपने बच्चे को गर्म और आरामदायक कपड़े पहनाएं
– सर्दियों में नवजात शिशु की मालिश का पूरा ध्यान रखें

पीकू वार्ड में प्रतिदिन भर्ती हो रहे बच्चों की संख्या :
दिनांक भर्ती हुए बच्चे
25 नवम्बर 02
24 नवम्बर 01
23 नवम्बर 02
22 नवम्बर 02
18 नवम्बर 02
17 नवम्बर 03
16 नवम्बर 01












