
– वन वे व लेन ड्राइविंग की व्यवस्था के बाद भी प्रतिदिन शहर में लगता है जाम, सो रहा जिला प्रशासन
– मथुरापुरघाट पुल पर फुटपाथी फल विक्रेताओं का है अतिक्रमण, पैदल चलने में भी राहगीरों को होती परेशानी
– थोड़ी बहुत पुलिस दिखा रही संजीदगी, लेकिन अतिक्रमण पर नहीं दिया जा रहा ध्यान

मिथिला पब्लिक न्यूज़, डेस्क ।
जिला मुख्यालय में यातायात व्यवस्था के लिए अतिक्रमण जी का जंजाल बना हुआ है. बिना अतिक्रमण हटाये यातायात व्यवस्था को कभी सुचारू नहीं बनाया जा सकता है. तभी तो वन वे एवं लेन ड्राइविंग की व्यवस्था के बाद भी प्रतिदिन शहर में जाम लगता है. वैसे तो ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एसपी विनय तिवारी ने जिला में योगदान देने के बाद शुरुआती दिनों में काफी प्रयास किया था. लेकिन जिला प्रशासन से पूर्ण सहयोग नहीं मिलने के कारण प्रयास सफल नहीं हो पाया.

अब शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था वन वे होने के बाद अतिक्रमणकारियों का कब्जा हो गया है. चाहे वह मथुरापुरघाट पुल हो, काशीपुर कचहरी रोड हो या शहर का स्टेशन रोड हो सब जगह अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है.

मथुरापुरघाट पुल के फुटपाथ पर फल-फूल विक्रेताओं का कब्जा है और स्टेशन रोड में दुकानदारों ने सड़क पर ही अपनी दुकानें सजा ली हैं. जिससे वाहनों की आवाजाही को छोड़िए पैदल चलने वाले राहगीरों को भी परेशानी होती है. कहने को तो स्टेशन रोड एवं मुख्य बाजार की सभी सड़कें वन वे है इसके बावजूद बाजार में दिन भर जाम लगा रहता है.

यहां बता दें कि मगरदहीघाट स्थित बूढ़ी गंडक नदी पर बने पुल के फुटपाथ पर अतिक्रमणकारियों ( फल विक्रेताओं ) ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है. पुल पर पैदल चलने वाले के लिए कोई जगह नहीं बचा है. इस कारण पुल पर हमेशा जाम की स्थिति और पैदल चलने वालों को किसी वाहन की ठोकर से चोटिल होने की आशंका बनी रहती है.

सूत्रों की मानें तो यह अवैध उगाही का जरिया बना हुआ है. इन अतिक्रमणकारियों को स्थानीय पुलिस एवं नगर प्रशासन का सह प्राप्त है. शहर की मुख्य सड़कें फल और सब्जी मंडी में तब्दील हो गयी हैं. अतिक्रमणकारी दुकानदार एवं ई रिक्शा चालक खुलेआम कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं. जिसका नतीजा है कि अतिक्रमणकारियों के हौंसले दिन ब दिन बुलंद होते जा रहे हैं. आलम तो यह है कि पुल के दोनों ओर फुटपाथ पर फुटपाथी दुकानें सज गयी हैं.


स्टेशन रोड में काली पीठ से लेकर स्टेशन चौक तक, मथुरापुर घाट से लेकर गणेश चौक तक, गणेश चौक से रामबाबू चौक, आर्य समाज रोड से गोला रोड में बहादुरपुर दुर्गा स्थान तक, मारवाड़ी बाजार, थानेश्वर मंदिर, ताजपुर रोड, काशीपुर चौक आदि जगहों पर बीच सड़क पर सजी दुकानों के कारण हमेशा जाम लगा रहता है. जिससे आमलोगों को आवाजाही में परेशानी होती है.

बूढ़ी गंडक नदी पर स्थित लोहे का पुराना पुल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. जिला प्रशासन ने जिसे कंडम घोषित करते हुए इस पर आवागमन पर रोक लगा रखी है, उसपर दर्जनों फुटपाथी दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल रखीं हैं. जिस वजह से पुल पर हमेशा भीड़ की स्थिति बनी रहती है. जो कभी भी बड़ी घटना का सबब बन सकता है.











