
मिथिला पब्लिक न्यूज़ समस्तीपुर ।
समस्तीपुर मंडल कारा में बंद विचाराधीन बंदी की मंगलवार की सुबह सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. बताया जाता है कि वह मंगलवार की सुबह नहाने के दौरान बाथरूम में गिर गया था. मृत बंदी की पहचान कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लदौरा निवासी मो. तैयब के रूप में की गई है.

विचाराधीन बंदी अपने ही गांव के एक अधेड़ का प्राइवेट पार्ट काटकर फेंक दिए जाने के आरोप में सितंबर माह में गिरफ्तार किया गया था. कैदी की मौत के बाद जेल प्रशासन द्वारा बंदी के परिवार के लोगों को सूचना दी गई थी. सूचना दिये जाने के करीब पांच घंटे बाद मृत बंदी के परिजन पहुंचे.

सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने शव को देखने के बाद जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा शुरू कर दिया. मृतक की पत्नी का आरोप है कि जेल में उसके पति की हत्या करवा दी गयी है. दो दिन पूर्व ही वह अपने पति से मिलकर आयी थी. उसका कहना है कि भूमि विवाद के कारण विरोधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है.

उधर, मंडल कारा प्रशासन के अनुसार मंगलवार की सुबह मो. तैयब की सुबह में नहाने के दौरान तबियत खराब हो गयी. वार्ड में आने पर वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा. इसके बाद तत्काल उसे सदर अस्पताल लाया गया. सदर अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ऑन ड्यूटी डॉक्टर संतोष झा ने बताया कि कहा कि बंदी की उम्र 60 वर्ष से अधिक है. वह कई बीमारी से ग्रसित भी लग रहा था. प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ड अटैक प्रतीत हो रहा है. मौत के कारण का सही- सही पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चल पायेगा.


भूमि विवाद में काट दिया था प्राइवेट पार्ट :
यहां बता दें कि 14 सितम्बर की शाम कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लदौरा गांव निवासी रविंद्र साह जितवारपुर से करीब दो-तीन किलोमीटर पूर्व बांध के किनारे जनेर के खेत में लहूलुहान अवस्था में मिला था. उसका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था. स्थानीय राहगीरों ने उसे जख्मी हालत में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था.

बाद में बताया गया था कि गांव के ही कुछ लोगों ने जमीनी विवाद के कारण जान मारने की नीयत से प्राइवेट पार्ट काटकर बांध किनारे फेंक दिया था. इस घटना में मृतक सहित 5 लोगों को आरोपित किया गया था. जिसमें मो. तैयब के साथ साथ मो. रहमत मियाँ तथा अहमद मियाँ को नामजद किया गया था. घटना के करीब तीन सप्ताह बाद पुलिस ने मो. तैयब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. बताया जाता है कि पुलिस के समक्ष तैयब ने घटना में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार कर ली थी.














