
मिथिला पब्लिक न्यूज, डेस्क ।
समस्तीपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने जिले के मोस्ट वांटेड कुख्यात इनामी अपराधी मंजयलाल राय को गिरफ्तार कर लिया है. मंजय लाल राय उर्फ मंजय लाल यादव मूल रूप से सरायरंजन थाना क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव का रहने वाला बताया जाता है.

यह वही मंजय है जो शराबबंदी से पहले दारू के ठेके पर सेल्समैन की छोटी सी नौकरी करता था. शराबबंदी के बाद इसने झाड़खंड के गोड्डा के एक शराब माफिया से दोस्ती की. इसके बाद इसने अपना सिंडिकेट बना लिया. जो समस्तीपुर ही नहीं बिहार के कई जिलों में शराब का कारोबार करने लगा.

इस पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम भी रख रखा था. पिछले कई वर्षों से लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट एवं शराब के दर्जनों मामलों में पुलिस को इसकी तलाश थी. बताया जाता है कि एक वर्ष पूर्व 08 दिसंबर 2022 की रात इसने और इसके गुर्गों ने पटना एक्ससाइज एसटीएफ एवं स्थानीय पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की थी. हालांकि उस घटना में किसी पक्ष को जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था.


शुक्रवार को सदर डीएसपी संजय कुमार पांडे ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिला के टॉप-10 अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें राज्य एवं अन्तर राज्यों में छापेमारी कर रही है. इसी कम में कुख्यात अपराधी-सह-शराब माफिया मंजयलाल को गिरफ्तार किया गया है.


पुलिस को मिली इस बड़ी सफलता में डीआईयू के प्रभारी सह इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के साथ सरायरंजन थानाध्यक्ष रविकांत कुमार, डीआईयू शाखा के सिपाही अरविंद कुमार, रवि कुमार, कमल नयन,राजकिशोर, होमगार्ड राममनोहर ठाकुर एवं लक्ष्मण प्रसाद की अहम भूमिका रही.

मंजय लाल का आपराधिक इतिहास :
1. सरायरंजन थाना कांड सं0-100/18
2. सरायरंजन थाना कांड सं0-112/19
3. सरायरंजन थाना कांड सं0-44/22
4. सरायरंजन थाना कांड सं0-47/20
5. सरायरंजन थाना कांड सं0-16/23
6. सरायरंजन थाना कांड सं0-17/23
7. हलई ओपी थाना कांड सं0-526/22
8. विद्यापतिनगर थाना कांड सं0-103/17
9. मुसरीघरारी थाना कांड सं0-66/19
10. सरायरंजन थाना कांड सं0-365/22


पुलिस पर फायरिंग कर हो गया था फरार :
सदर डीएसपी श्री पांडेय के अनुसार 8 दिसंबर 2022 की रात में मद्यनिषेध ईकाई पटना की टीम सरायरंजन थाना क्षेत्र में पहुँची थी. उन्हे सहयोग के लिए लोकल पुलिस भी थी. पुलिस की टीम कंकालीपुर स्थित मंजय लाल यादव के साहिल इंटरप्राईजेज के सामने सड़क पर पहुँची थी. जहां खड़ी एक ट्रक, एक पिकअप भान से कई लोग शराब के कार्टूनों को उतारकर वहाँ लगी मोटरसाईकिलों एवं साहिल इंटरप्राईजेज के अंदर गोदाम में रख रहे थे. पुलिस गाड़ी को देखकर कार्टून उतारने वाले जोर-जोर से हल्ला करने लगे की पुलिस पहुँच गयी है. जिसके बाद इंटरप्राईजेज के छत एवं आसपास से पुलिस के उपर अंधाधुंध फायरिंग की जाने लगी थी. जबाब में पुलिस ने जब फायरिंग की तो सभी भाग खड़े हुए थे.











