

मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर खुल कर अवैध वसूली का खेल चल रहा है. जिस कार्ड को निःशुल्क दिया जाना है, उस कार्ड को बनाने में एक हजार से तीन हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही है. लेकिन विभागीय अधिकारी सबकुछ जानकर भी लीपापोती करने में जुटे रहते हैं.

इसका जीता जागता उदाहरण सोमवार को सदर अस्पताल में देखने को मिला था. जहां आयुष्मान कार्ड बनाने के एवज में आयुष्मान भारत केंद्र के डाटा ऑपरेटर ने विभूतिपुर के एक व्यक्ति से सात सौ रुपये ले लिया था. लेकिन डील के मुताबिक एक हजार रुपये नहीं मिलने पर कार्ड देने में आनाकानी कर रहा था, जिसको लेकर हंगामा हो गया, जिससे लोगों को इस अवैध वसूली की जानकारी हुई. वैसे तो हंगामा के बाद स्वास्थ्य प्रबंधक के पहल पर डाटा ऑपरेटर के द्वारा लिया गया रुपया लाभुक को लौटा दिया गया, लेकिन इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गयी.

वैसे इस घटना के सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी ने प्रेस के माध्यम से आम लोगों से एक छोटी सी अपील जरूर की है. जिसमें कहा गया है कि आयुष्मान कार्ड पूर्णतः निशुल्क बनाया जाता है. इसलिए आम लोगों से अपील है कि केंद्र पर कार्ड बनाने के एवज में किसी प्रकार की राशि का भुगतान न करें. अगर किसी केंद्र पर रुपए की मांग की जाती है तो वे जिला कार्यक्रम समन्वयक कंचनमाला के मोबाइल संख्या 9264471472 पर इसकी शिकायत करें.

उधर, जानकार सूत्रों की मानें तो गोल्डन कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली का खेल काफी समय से चल रहा है. कहा जा रहा है कि गोल्डन कार्ड बनाने में फर्जीवाड़ा भी की जा रही है. हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा. लेकिन यह साफ है कि इन्हीं कारणों से जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य को गति नहीं मिल रही है. तभी तो जिस जिले में 26.94 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड बनना है वहां अभीतक मात्र 3.87 लाख लोगों का ही आयुष्मान कार्ड बन पाया है.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन :
आयुष्मान कार्ड पूर्णतः निःशुल्क बनाया जा रहा है. सदर अस्पताल के केंद्र पर रुपये मांगे जाने की जानकारी मिली है. मामले की जांच कराई जा रही है. संबंधित आरोग्य मित्र से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.
डॉ एसके चौधरी, सिविल सर्जन, समस्तीपुर।













