

मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
समस्तीपुर के चर्चित रंगदारी मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. रेमंड शोरूम के मालिक दीपक मोदी से शहर के एक कपड़ा व्यवसायी के कर्मी ने ही रंगदारी की मांग की थी. पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले उक्त कर्मी के साथ फर्जी सिम बेचने वाले एक दुकानदार को भी गिरफ्तार किया है. पकड़े गए अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल और सिम कार्ड भी बरामद किया गया है.

शुक्रवार की शाम नगर थाना पर प्रेसवार्ता में एएसपी संजय कुमार पांडेय ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर को शहर के मरवाड़ी बजार के व्यवसायी से फोन कॉल और मैसेज कर दस लाख रूपये की रंगदारी मांगी गयी थी. एएसपी ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपने नेतृत्व में नगर थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य के साथ पुलिसकर्मियों की एक एसआइटी बनायी. जिसमें अपर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार, पुअनि. इकरार फारूकी, प्रताप कुमार सिंह, आनंद शंकर गौरव, ऋचा कुमारी, प्रवीण कुमार, डीआईयू के राजन कुमार एवं सन्नी कुमार मौसम को शामिल किया गया था.

टीम ने टेक्निकल एवं मानवीय आसूचना के आधार पर फर्जी सीम उपलब्ध कराने वाले डब्लू कुमार उर्फ राज को पकड़ा. इसके निशानदेही पर रंगदारी मांगने वाले युवक सन्नी कुमार को भी गिरफ्तार किया गया. सन्नी कुमार मारवाड़ी बाजार के ही एक कपड़ा व्यवसायी के दुकान का कर्मी है.

उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वह तंगहाली से जूझ रहा था. वह रेमंड शोरूम के मालिक को काफी समय से जान रहा था. रेमंड शोरूम का मालिक एक के बाद एक शोरूम खोल रहा था. उसे लगा कि रंगदारी मांगने पर बड़ी राशि मिल जायेगी. इसलिए उसने मोबाइल सिम बेचने वाले राज को सिम के वाजिब दाम से कई गुना ज्यादा रुपये देकर एक फर्जी सिम खरीदी.

इसके बाद गूगल पर सर्च करके उसने रेमंड शोरूम के मालिक का नम्बर लिया और उससे रंगदारी मांगी. एएसपी ने बताया कि फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले डब्लू कुमार उर्फ राज से पुछताछ में कई लोगों को फर्जी सिम उपलब्ध कराने की बात भी सामने आयी है. हो सकता है कि उसके द्वारा बेचे गये फर्जी सिम का उपयोग आपराधिक वारदातों में किया गया हो. जिसपर जांच की जा रही है.













