


मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
कायाकल्प की तीन सदस्यीय नेशनल टीम शुक्रवार को समस्तीपुर पहुंची. यहां टीम ने सदर अस्पताल के सभी विंगों का बारीकी से निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टीम ने सदर अस्पताल परिसर, ओपीडी, ब्लड बैंक, इमरजेंसी, प्रसवकक्ष, एसएनसीयू वार्ड, महिला वार्ड सहित चप्पे-चप्पे की बारीकी से जांच की. इस दौरान अस्पताल में कुव्यवस्था व गंदगी देख टीम ने नाराजगी व्यक्त की.

सदर अस्पताल परिसर भवन निर्माण कार्य चलने के कारण पूरी तरह से रैक पॉइंट बना हुआ था. नालों के जाम हो जाने के कारण पानी सड़क पर आ गयी थी. ओपीडी में ऑन ड्यूटी डॉक्टर एवं कर्मी एप्रोन में नहीं थे. डॉक्टर के पास आला (एस्टेथोस्कोप) तक नहीं था. ओपीडी के पीछे गंदगी और शौचालय के पानी को बहते देख आपत्ति जताई. ब्लड बैंक में साफ सफाई की कमी दिखी, अस्पताल का अपना बाउंड्री वाल नहीं था उसे बनवाने को कहा.

इसके बाद दवा भंडार का जायजा लिया. स्टोर में कुछ ऐसे दवा मिले जो दस दिन बाद एक्सपायर होने वाले थे. दवा काफी मात्रा में पड़ा था, जिसके बारे में बताया गया कि विभूतिपुर पीएचसी को दिया गया था जो स्टोर में ही छूट गया. टीम में राज्य स्वास्थ्य समिति के एसपीओ डॉ श्रीनिवास, डॉ शालिनी एवं पिरामल के शामित सरकार शामिल थे. निरीक्षण के दौरान उपाधीक्षक डॉ गिरीश कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक विश्वजीत रामानंद के साथ जिला स्वास्थ्य समिति से डीपीसी अनिता कुमारी एवं ज्ञानेंद्र कुमार सहित कई उपस्थित थे.

यहां बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक स्तर पर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई और संक्रमण की रोकथाम को लेकर किये गए प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए कायाकल्प योजना की शुरुआत की गई थी. कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य सभी तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं को विशिष्ट मानकों की दिशा में प्रोत्साहित करना और स्वास्थ्य सुविधाओं को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनाना है.

विभिन्न अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा मुख्य रूप से तीन तरह की सुविधाओं पर फोकस किया गया है. जिसमें स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, हॉस्पिटल इंफेक्शन एवं मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का उत्तम व्यवहार आदि शामिल है.













