अंतरराज्यीय लूटेरा गिरोह का खुलासा, हथियार, ज्वेलरी व नगदी के साथ पांच अपराधी गिरफ्तार, विभिन्न जिलों के सात डकैती कांड का हुआ उद्भेदन

मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।

समस्तीपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस की विशेष एसआइटी ने अंतरराज्यीय लूटेरा गिरोह का खुलासा किया है. जिस गिरोह ने समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर, पटना के अधमल गोला एवं खुसरूपुर थाना, नालंदा जिला के बिहार थाना, बेगूसराय जिला के मंसूरचक एवं सिंघौल ओपी एवं दरभंगा जिला के बहेड़ी में कई 07 बड़ी डकैती की घटना को अंजाम देकर पुलिस को परेशान कर रखा था. समस्तीपुर पुलिस ने इस गिरोह के सरगना सहित पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से तीन देसी पिस्तौल, 05 जिन्दा गोली, चाकू, डकैती में प्रयुक्त औजार, घटना में प्रयुक्त मोटर साईकिल, 02 किलो गांजा, लूटे गये गहने जेवरात एवं 1.62 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं.


सोमवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी विनय तिवारी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना सुबोध कुमार समस्तीपुर जिले के विद्यपतिनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है. जिसके साथ इसी थाना क्षेत्र के राजन कुमार, गुंजन कुमार, प्रिंस कुमार एवं दलसिंहसराय का आशुतोष कुमार उर्फ मौर्या को गिरफ्तार किया गया है. सुबोध ने अपने एक दर्जन से अधिक शागिर्दों के साथ मिलकर 11 दिसम्बर की रात मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के महमद्दीपुर गांव में किराना एवं हार्डवेयर कारोबारी के घर भीषण डकैती कांड को अंजाम दिया था. अपराधियों ने गृहस्वामी रामकुमार चौधरी एवं उनके परिवार वालों को हथियार के बल पर बंधक बनाकर लूटपाट की थी. घर में रखे लाखों के जेवरात एवं नगद रूपया लूट ले गए थे.


पटोरी डीएसपी के नेतृत्व में बनी थी एसआइटी :
एसपी ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने पटोरी डीएसपी रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया था. जिसमें पटोरी अंचल पुलिस निरीक्षक अरुण कुमार राय के साथ डीआईयू प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक मुकेश कुमार, नगर थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य,
मुसरीघरारी थानाध्यक्ष पंकज कुमार, हलइ ओपी थानाध्यक्ष पवन कुमार, मोहनपुर ओपी थानाध्यक्ष कृष्णचन्द्र भारती, मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद, सबइंस्पेक्टर सोनू कुमार, सरायरंजन थानाध्यक्ष रविकांत कुमार, विद्यापतिनगर थानाध्यक्ष फिरोज आलम के साथ डीआईयू शाखा के सबइंस्पेक्टर मुकेश कुमार, राहुल कुमार, राजन कुमार, अशोक कुमार, फैजुल अंसारी एवं अरविंद कुमार को शामिल किया गया था.



डकैती की घटनाओं में समरूपता से पकड़ में आया गिरोह :
एसपी ने बताया कि उनकी टीम ने समीपवर्ती जिला पटना, दरभंगा, बेगूसराय, वैशाली की पुलिस टीम से भी लगातार आसूचनायें संग्रह की. साथ ही पिछले 5 वर्षों में हुए डकैती के कांडों में संलिप्त, आरोपत्रित तथा जमानत पर रिहा हुए अपराधियों के संबंध में डाटा संग्रह किया गया. इसी बीच यह बात छन कर आयी मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती की घटना से पूर्व पटना एवं नालंदा जिला में भी उसी तर्ज पर डकैती की घटना हुई थी. वहीं समस्तीपुर की घटना के बाद दरभंगा एवं बेगूसराय जिले में भी उसी तरीके से डकैती की घटनाएं हुई हैं. फिर सभी घटनाओं की समरूपता को देखते हुए समीक्षा की गयी. जिसमें अपराधकर्मियों की संख्या, उनके अपराध करने का तरीका, अपराधियों की बोल-चाल एवं अन्य बिन्दुओं का सुक्ष्मतापूर्वक तुलनात्मक अध्ययन किया गया तो पता चला कि इन सभी घटनाओं में संलिप्त अपराधकर्मियों का अपराध शैली एक ही है.



दोबारा बड़ी घटना को अंजाम देने जुटा था गिरोह :
एसपी के अनुसार 31 दिसंबर की रात इस गिरोह के द्वारा दोबारा बड़ी घटना को अंजाम देने की प्लानिंग थी. गुप्त सूचना मिली कि मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के महमदीपुर चौक से घटहा टोल सुल्तानपुर के रास्ते में टोटहा पुल पर अपराधी जुटे हैं. इस सूचना पर पुलिस की टीम ने टोटहा पुल के पास पहुंचकर घेराबंदी की. जहाँ करीब 13-14 की संख्या में अपराधकर्मी जमा थे, जो पुलिस बल को देखकर भागने लगे. विशेष टीम ने भाग रहे अपराधियों में पांच को गिरफ्तार कर लिया. अन्य लोग अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे. पूछ-ताछ के क्रम सभी अपराधियों ने डकैती की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की.


ऐसे देता था घटनाओं को अंजाम :
एसपी ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना
विद्यापतिनगर का सुबोध कुमार है, जो चार साल तक जेल में भी रह चुका है. जेल से निकलने के बाद पुनः अपने साथी अंकेश रजक के साथ मिलकर नये लड़कों को अपने गिरोह में शामिल कर लगातार डकैती की घटना को अंजाम दे रहा था. ये लोग डकैती में प्राप्त धन राशि का उपयोग हथियार खरीने, मौज मस्ती करने एवं गांजा का व्यवसाय करने में करते थे. घटना के दौरान घर के सभी सदस्यों का हाथ और मुँह बांधकर, उनलोगों का मोबाईल लेकर बंधक बनाते हुये घटना को अंजाम देते और गृहस्वामी के साथ बड़ी सभ्यता से पेश आते थे.


सरगना सुबोध ने डकैती की घटनाओं में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी है. जिन्होंने वर्ष 2017 से 2019 के बीच वैशाली, पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर सहित कई जिलों में डकैती की घटना को अंजाम दिया था. सभी सम्बंधित जिला पुलिस को इसकी सूचना दी गयी है. कई जिलों की पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अपराधियों से पूछताछ भी की है. गिरोह में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

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