मृत मां को न्याय दिलाने के लिए दरदर भटक रहा बेटा, ब्लाइंड मर्डर बन कर रह गया मीना देवी हत्याकांड


मिथिला पब्लिक न्यूज़, डेस्क ।
समस्तीपुर के सरायरंजन थाना क्षेत्र के झखरा पतैली गांव में हुई मीना देवी हत्याकांड ब्लाइंड मर्डर बनकर रह गया है. घटना के नौ महीने गुजर चुके हैं. अभी तक पुलिस ना तो हत्यारों की पहचान कर पायी है और ना ही किसी की गिरफ्तारी. मीना देवी का बेटा कन्हैया कुमार अपनी मृत मां को न्याय दिलाने के लिए दरदर भटक रहा है. समस्तीपुर एसपी से लेकर डीजीपी एवं मुख्यमंत्री तक उसने गुहार लगायी है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय पुलिस के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही.

बुधवार को पीड़ित ने एक बार फिर इस घटना की लिखित शिकायत दरभंगा प्रक्षेत्र के डीआईजी बाबूराम से की है. पीड़ित का कहना है कि स्थानीय पुलिस उसकी मां के हत्यारों को खोजने के बजाय किसी तरह इस केस को क्लोज करने पर तुली हुई है.


पीड़ित कन्हैया कुमार सरायरंजन थाना क्षेत्र के झखरा पतैली गांव निवासी बालानंद झा के पुत्र हैं. कन्हैया के अनुसार उनकी माँ मीना देवी (58वर्ष) की हत्या पीट पीटकर कर दी गयी थी. घटना के दिन 2 अप्रैल 2023 को उसके घर पर सिर्फ मां और पिताजी थे. घटना की शाम कुछ अज्ञात लोगों ने उसके घर में घुसकर लोहे के सरिया से उसकी मां की बुरी तरह पिटायी कर दी थी. उसके पिता जब बाजार से घर लौटे तो उसकी मां को खून से लथपथ देख तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल सरायरंजन ले गए.

जहां से सदर अस्पताल समस्तीपुर और फिर पीएमसीएच रेफर कर दिया गया. इसके बाद उसकी माँ को बेहतर इलाज के लिए पटना के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. अंततः आईजीएमएस पटना रेफर कर दिया गया. जहां 6 अप्रैल की सुबह उसकी मौत हो गयी थी. इसके बाद शास्त्रीनगर थाना पुलिस की देखरेख मे पोस्टमार्टम कराया गया था.

घटना की सूचना देने के बाद भी स्थानीय पुलिस घर पर शव को देखने के लिए भी नहीं पहुंची. पीड़ित के मुताबिक 9 अप्रैल को उसके पिता के शिकायत पर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई, लेकिन स्थानीय पुलिस सूचना देने के बावजूद उसकी मां की लाश को देखना भी उचित नहीं समझी. घटना के करीब एक महीना बाद फोरेंसिक टीम को भेजा गया, जो कहीं से भी न्याय संगत नहीं था. अब नौ महीने गुजर चुके हैं लेकिन पुलिस उसकी मां के हत्यारे की पहचान तक नहीं कर पायी है.

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