


मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
समस्तीपुर पुलिस ने बिजली मिस्त्री रोहित हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। मुसरीघरारी थानाध्यक्ष फैजुल अंसारी एवं उनकी टीम ने मात्र 24 घण्टे के अंदर इस हत्याकांड का उदभेदन किया है। इतना ही नहीं इस घटना को अंजाम देने वाले को भी गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को एएसपी सह सदर डीएसपी संजय कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त राजेन्द्र महतो के घर से मृतक का मोबाईल भी बरामद कर लिया गया है। पकड़े गए अभियुक्त ने घटना में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार कर ली है। अभियुक्त ने अपनी पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में बिजली मिस्त्री रोहित को पकड़ लिया था। जिस वजह से उसने लाठी डंडे से रोहित की जमकर पिटाई कर दी थी। जिससे उसके घर में ही रोहित की मौत हो गई थी।

एएसपी के अनुसार मृतक रोहित दास बिजली मिस्त्री का काम करता था। उसका अपने गांव (गंगापुर) के ही राजेन्द्र महतो के घर आना जाना था। आने-जाने के क्रम में रोहित दास एवं राजेन्द्र महतो की पत्नी संजू देवी के बीच बात-चीत होने लगी। इसके बाद दोनों के बीच अवैध संबंध स्थापित हो गये। बुधवार (7 फरवरी) को वह काम करने के लिये घर से निकला था। लेकिन रात में राजेन्द्र महतो के घर चला गया था। जहां राजेंद्र ने उसे अपनी पत्नी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। जिसके बाद गुस्से में राजेन्द्र ने लाठी-डंडे से उसकी पिटायी शुरू कर दी।

गंभीर रूप से जख्मी हो जाने के कारण रोहित की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। इसके बाद संलिप्ता छिपाने और पुलिस से बचने के लिये राजेन्द्र महतो ने रोहित के शव को ले जाकर गंगापुर पेठिया आरा मिल के बगल में फेंक दिया। उसने मृतक की साईकिल भी वही ले जाकर खड़ा कर दिया। गुरुवार की सुबह शव बरामद किया गया। इसके पश्चात मृतक के पत्नी सजनी देवी के लिखित आवेदन के आधार पर कांड दर्ज किया गया।

शव मिलने के बाद से ही थाने की पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर अनुसंधान कर रही थी, इसी कम में मानवीय आसूचना संकलन एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर 24 घंटे के अंदर कांड में संलिप्त राजेन्द्र महतो एवं उसकी पत्नी संजू देवी को गिरफ्तार किया गया। जिन्होने कांड में अपनी संलिप्ता को भी स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार राजेन्द्र महतो के निशानदेही पर इनके ही घर से मृतक का मोबाईल बरामद किया गया है। एएसपी ने बताया कि इस हत्याकांड के उदभेदन में मुसरीघरारी थानाध्यक्ष फैजूल अंसारी के साथ परिपुअनि अमित कुमार, शैलेन्द्र कुमार एवं सिपाही नितेश कुमार व अविनाश कुमार की सराहनीय भूमिका रही।














