

मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
समस्तीपुर के मोहनपुर में स्थित माता चन्द्रकला हॉस्पीटल को क्वालिटी सेवा देने के लिए NABH (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) सर्टिफिकेट मिला है।
यह सर्टिफिकेट राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड के द्वारा दिया गया है। बताया जाता है कि समस्तीपुर जिले का यह पहला अस्पताल है, जिसे NABH सर्टिफिकेट मिला है। वहीं उत्तर बिहार में इस सर्टिफिकेट को पाने वाला यह दूसरा अस्पताल बना है।

माता चंद्रकला हॉस्पीटल के डायरेक्टर एवं शहर के चर्चित हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ डीके शर्मा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रमाण पत्र क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया की तरफ से दिया जाता है। उन्होंने बताया कि मरीजों को लगातार गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने जैसे मरीजों की सेवा, सुरक्षा, सुविधा, समय का बचाव व अच्छी देखरेख के लिए दी गई है। उनके हास्पीटल में मरीजों को हड्डी एवं नस रोग से सम्बंधित सभी तरह के उपचार के अलावा दंत चिकित्सा की सुविधा दी जा रही है। मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए उनका प्रतिष्ठान प्रतिबद्ध है।

डा. शर्मा ने बताया कि यह प्रमाण पत्र स्वास्थ्य सेवा, उच्च गुणवत्तापूर्ण तरीके से रोगी की देखभाल एवं सुरक्षा के लिए प्रदान किया जाता है। इस लिए बोर्ड की ओर से तीन महीने पूर्व उनके अस्पताल की बारीकी से जांच की गई थी। रोगी की देखभाल, सुरक्षा एवं अन्य मापदंड का आकलन किया गया था। सभी मापदंड पर खड़ा उतरने के बाद उन्हें यह सर्टिफिकेट दी गई है। इस उपलब्धि पर दंत रोग विशेषज्ञ डॉ कल्पना ठाकुर, डा. संजय कुमार, डा. सीके वर्मा, संजय कुमार शर्मा, राजीव रौशन, डब्लू कुमार, रमेश कुमार शर्मा, मिथिलेश झा, प्रकाश कुमार, प्रमोद कुमार, पिंटू कुमार, संजीव कुमार, कृति आनंद, कुणाल कुमार, पवन कुमार, अमित एवं दीपक कुमार आदि ने बधाई दी है।


यहां बता दें कि राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) एक ऐसी संस्था है जो भारत में अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मान्यता देती है। जिसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के लिए सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह सर्टिफिकेट सुनिश्चित करता है कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाता विशिष्ट गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं। यह एक विशिष्ट अवधि के लिए वैध होता है, और एनएबीएच निरंतर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उस संस्था का नियमित निगरानी भी करती है।













