


मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
समस्तीपुर जिले के सरायरंजन थाना क्षेत्र के झखरा गांव से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां 55 वर्षीय एक विधवा महिला की गर्दन काटकर हत्या कर दी गयी है। सोमवार की सुबह महिला की सिर कटी लाश उसके घर से 40-50 मीटर की दूरी पर गेहूं के खेत में मिली है। उसका सिर और धड़ दो हिस्सों में अलग अलग फेंका हुआ था।

मृत महिला गांव के ही स्वर्गीय नवल झा की पत्नी मंजू देवी बतायी जाती है। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है। हजारों की संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गये हैं। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही है। हालांकि घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर घटना की छानबीन में जुट गयी है।

महिला की लाश को देखने से प्रतीत होता है कि हत्यारों ने घटना को अंजाम देने के लिए हैवानियत की सारी हदें पार कर दी हो। घटनास्थल और घर की स्थिति से कयास लगाया जा रहा है कि महिला को घर से खींचकर हत्यारे गेहूं के खेत में ले गए और उसके बाद सिमर के पेड़ में बांधकर उसके गर्दन को काटकर धड़ से अलग कर दिया। महिला का सिर उसी खेत में धड़ से कुछ दूरी पर फेंका हुआ था।

घटनास्थल का नजारा देखकर लोगों का रूह तक कांप जा रहा था। घटना रविवार 25 फरवरी की देर रात की बतायी जा रही है। हालांकि महिला की सिरकटी लाश स्थानीय लोगों ने आज सुबह करीब 8 बजे उसके घर के पीछे गेहूं के खेत में अर्धनग्न अवस्था में देखा गया। जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जूट गयी। लोगों ने घटना की सूचना सरायरंजन थाना पुलिस को दी।

सुचना मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने
शव को अपने कब्जे में ले लिया। स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर पुलिस का विरोध भी किया। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए घटनास्थल पर सरायरंजन, मुसरीघरारी, उजियारपुर सहित कई थानों से भारी संख्या में पुलिस बल को भेजा गया। बाद में घटना की सूचना पर मुख्यालय डीएसपी अमित कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस घटना की छानबीन में जुटी है। एफएसएल की टीम एवं डॉग स्क्वायड को जांच के लिए बुलाया गया है। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

जानकारों का बताना है कि महिला के पति की कुछ साल पूर्व मौत हो गयी थी। दो बेटे और बहू रोजी रोजगार के लिए प्रदेश में रहते हैं। बेटी अपने ससुराल में रहती है। महिला घर में अकेली ही रहती थी। वह स्वंय सहायता समूह से जुड़ कर काम करती थी। यह भी कहा जा रहा है कि रविवार को बेटी दमाद उससे मिलकर गयी थी। उसके बाद देर रात उसकी निर्दयता से गर्दन काटकर हत्या कर दी गयी।













