


मिथिला पब्लिक न्यूज़, कमलेश झा ।
कुछ महीने पूर्व एक सिरफिरे किशोर को बैंक से चाकू के साथ पकड़कर सरेबाजार घुमाने वाली समस्तीपुर पुलिस के वो तेवर अब कहां हैं ? कुछ छोटी बड़ी घटनाओं का जिस तरीके से समस्तीपुर पुलिस ने खुलासा किया था, उसे देखकर आम लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा था। कुछ दिनों तक सोशल मीडिया पर भी पुलिस ने खूब नाम कमाई थी। लेकिन कुछ ही महीने में सबकुछ फिर से बदल गया।

जिले की जनता को अब पता चल गया है कि समस्तीपुर पुलिस के वो तेवर सोशल मीडिया पर कागजी फूलों की भांति ही सिर्फ देखने में आकर्षक थे, उसमें किसी तरह का सुगंध नहीं था। जो अपराध रूपी आंधी (रिलायंस ज्वेल्स डकैती कांड) के एक झोंके में ही बेजान हो गयी है। तभी तो घटना के 11 दिन बाद भी पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी तो बहुत दूर उनकी पहचान तक नहीं कर पायी है।

कुछ बुद्धजीवियों का कहना है कि असली अपराधी से पाला पड़ते ही पुलिस की बुद्धि गुम हो गई है। लोगों को अब तो यह भी आशंका होने लगा है कि कहीं ‘डॉन’ (अपराधी) के सामने समस्तीपुर पुलिस के तेवर ‘डाउन’ तो नहीं हो गये हैं ? खैर, मिथिला पब्लिक न्यूज़ का ऐसा मानना नहीं है। क्योंकि पुलिस के हाथ बहुत लंबे होते हैं। देर से ही सही वे अपराधी तक पहुंच ही जायेंगे। हां यह हो सकता है कि अपराधियों तक पहुंचते पहुंचते लूटी गई ज्वेलरी पूरी तरह से खप (खत्म हो) गयी हो।

ये डम्मी नहीं ओरिजनल अपराधी हैं साहब !
रिलायंस ज्वेल्स डकैती कांड को अंजाम देकर अपराधियों ने समस्तीपुर पुलिस की सारी व्यवस्था एवं हवा हवाई वाले दावों की पोल खोलकर रख दी है। अपराध नियंत्रण को लेकर बड़ी बड़ी कागजी प्लानिंग और घटना के बाद अपराधियों के पकड़ने की पुलिसिया रणनीति सब समय पड़ने पर फेल कर गयी थी। घटना के बाद अपराधियों के भागते ही 15 मिनटों में जिले को सील कर उन्हें पकड़ने की तैयारी समय पर काम नहीं आयी। क्योंकि घटना को कोई डम्मी अपराधी ने नहीं बल्कि ओरिजनल अपराधियों ने अंजाम दिया था।

नेपाल, बंगाल, झारखंड, यूपी हर तरफ तीर चला रही पुलिस :
रिलायंस ज्वेल्स डकैती कांड के बाद जांच में जुटी स्थानीय पुलिस की एसआइटी, एसटीएफ एवं पड़ोसी जिलों की पुलिस टीम अपराधियों की पहचान तो नहीं कर पायी है। लेकिन वह संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए बिहार के वैशाली, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, पटना, बेगूसराय एवं दरभंगा के साथ साथ नेपाल, बंगाल, झारखंड, यूपी हर तरफ छापेमारी कर रही है। या यूं कहें कि इन जगहों पर जाकर अंधेरे में तीर चला रही है। उन्हें आशा है कि कोई न कोई पुराना शातिर अपराधी इस घटना में जरूर शामिल होगा। लेकिन पुलिस सूत्रों की मानें तो अभी तक पुलिस को कोई खास सुराग हाथ नहीं लगा है। इतना ही नहीं इस घटना में शामिल किसी भी अपराधी की पहचान तक नहीं हो पायी है। बताया जाता है कि पुलिस की टीम ने कई दिनों तक नेपाल से जुड़े सीमावर्ती इलाकों में दबिश बनायी। पुलिस ने इस दौरान कई होटलों एवं अपराधियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की, लेकिन उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली।


10 किलो से अधिक सोना व साढ़े सात लाख कैश की हुई थी लूट :
मुफस्सिल एवं नगर थाना के सीमा पर स्थित रिलायंस ज्वेल्स में 28 फरवरी की शाम करीब 7:45 बजे डकैती की यह घटना हुई थी। आठ की संख्या में पहुंचे लूटेरों ने गार्ड के साथ सभी कर्मचारियों को बंधक बना कर इस घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान बदमाशों ने उक्त ज्वेलरी शोरूम से करीब 10 किलो से अधिक सोना और साधबदमाश बड़े-बड़े दो झोलों में भरकर ज्वेलरी ले गए थे। एफआईआर के अनुसार लूटी गयी ज्वेलरी की कीमत साढ़े छह करोड़ रुपए से अधिक है। लेकिन सूत्रों की मानें तो प्राथमिकी दर्ज करने में भी बड़ा झोल किया गया है। लूटी गयी ज्वेलरी की कीमत कई करोड़ अधिक हो सकती है। इतनी बड़ी रकम की लूट या डकैती समस्तीपुर में आजतक कभी नहीं हुई थी। यह जिले के लिए सबसे बड़ी डकैती बतायी जा रही है। जिसका उदभेदन करने में पुलिस अभी तक नाकाम साबित हो रही है।













