हेलो! मैं CBI क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूं, आपकी बेटी ने कोटा में सवा चार करोड़ का फ्रॉड किया है

साइबर फ्रॉड के व्हाट्सएप कॉल डिटेल का स्क्रीन शॉट


मिथिला पब्लिक न्यूज़, कमलेश झा ।
हेलो! मैं CBI के क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूँ, आपकी बेटी ने कोटा में चार लड़कियों के साथ मिलकर सवा चार करोड़ का फ्रॉड किया है। वारंट निकल गया है, मैनेज करना है तो जल्दी आ जाईये। अगर अचानक से आपके मोबाइल पर इस तरह का कॉल आ जाये, और आपकी बच्ची का फोन किसी कारणवश स्विच ऑफ बताये। तो सोचिए आप पर क्या गुजरेगी ?


अचानक ऐसी बात सुनकर किसी भी पिता के पैरों तले जमीन खिसक जाएगी और वह किसी भी हालत में अपनी बेटी को बचाने का प्रयास करेगा ही। समस्तीपुर के प्रोफेसर कालोनी में रहने वाले प्रकाश कुमार नामक एक व्यक्ति के साथ बुधवार को कुछ ऐसा ही हुआ है। उन्हें कुछ ऐसा ही एक व्हाट्सएप कॉल बुधवार को आया। जिस नंबर से कॉल आया उस नम्बर के डीपी पर एक वरीय पुलिस अधिकारी की फोटो भी लगी थी। हालांकि उन्होंने साहस और बुद्धि से काम लिया। जिस वजह से साइबर फ्रॉड के झांसे में आने से बच गए, और साइबर फ्रॉड ने धमकी देते हुए कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। उन्होंने इसकी शिकायत साइबर सेल के टॉल फ्री नंबर 1930 पर दर्ज करायी है।

फ्रॉड ने इस तरह से किया व्हाट्सएप कॉल :
प्रकाश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी कोटा में रहकर पढ़ाई कर रही है। बुधवार की सुबह करीब 11:50 मिनट पर उन्हें (923482567143) नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने कहा कि मैं CBI क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूँ। आप प्रकाश कुमार बोल रहे हैं? इधर से पीड़ित ने हां में जवाब दिया। उसके बाद फ्रॉड ने कहा कि …आपकी बेटी है। वह कोटा में पढ़ाई कर रही है। पीड़ित ने कहा जी वह कोटा में है।

उसके बाद फ्रॉड ने कहा कि आपकी बेटी ने कोटा में चार लड़कियों के साथ मिलकर सवा चार करोड़ का फ्रॉड किया है। उसके विरुद्ध कोटा में वारंट निकल गया है, मैनेज करना है तो जल्दी आ जाईये। इतना सुनते ही प्रकाश कुमार भांप गये कि फोन करने वाला कोई फ्रॉड है। उन्होंने साहस का परिचय देते हुए उसकी जमकर क्लास लगा दी। इसके बाद फ्रॉड ने पीड़ित को समस्तीपुर एसपी विनय तिवारी के साथ होने और कार्रवाई करने की भी धमकी दी।

जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है। साइबर फ्रॉड इस तरह का कॉल करके लोगों से लाखों की ठगी कर लेते हैं। इसलिए अगर कभी अनजान नम्बर से इस तरह का कोई कॉल आये तो डर से नहीं साहस से काम लेना चाहिए। आइए जानते हैं कि गैंग किस तरह से काम करता है? ये कॉल आती कहां से है? यदि ऐसी कॉल आए तो क्या करें? इनसे कैसे बचें…

VOIP की मदद से आता है कॉल :
साइबर सेल के एक अधिकारी बताते हैं कि जांच में सामने आया कि ये साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए VOIP की मदद से पाकिस्तान एवं दूसरे देशों के नंबरों से कॉल कर रहे हैं. पुलिस अफसरों की फोटो का इस्तेमाल कर ठगी करना या फिर किसी व्यक्ति की गोपनीय जानकारी निकालना कोई बड़ी बात नहीं है. आईपीएस अफसरों के नम्बर की स्नूफिंग कॉल पुलिस की तस्वीर लगा कर ठगी करना हैकर्स के लिए आम बात है।


बने जागरूक, ऐसे करें बचाव :
* किसी अज्ञात नम्बर से वाट्सएप और मैसेंजर पर कॉल आये तो सतर्क हो जाएं।
* प्रोफाइल फोटो में पुलिस अफसर की फोटो लगी हो तो डरें नहीं।
* कॉल करने वाले से सवाल-जवाब कीजिए और पूरी जानकारी लीजिए।
* कॉल करने वाला जिस पुलिस स्टेशन का नाम ले रहा है उसका पता करें।
* पैसे ट्रांसफर या किसी तरह का ओटीपी तो हरगिज शेयर नहीं करें।
* जिस पारिवारिक सदस्य को छोड़ने या फंसाने का झांसा दिया जा रहा हो उससे सम्पर्क करें।
* ठगों का सबसे बड़ा हथियार डर है. आप डर गए तो झांसे में आ जाएंगे।
* इस तरह का कॉल आये तो तत्काल पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।

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