


मिथिला पब्लिक न्यूज़, सरायरंजन ।
सरायरंजन थाना क्षेत्र के नरघोघी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के एक कर्मी की गुरुवार को अचानक तबियत बिगड़ गयी। उसे इलाज के लिए सदर में भर्ती कराया गया, लेकिन तबतक उसकी मौत हो चुकी थी। अचानक हुई इस घटना से कॉलेज के छात्र आक्रोशित हो गए। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध बीमार कर्मी के इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगा कर प्रदर्शन भी किया।

घटना से आक्रोशित छात्रों का कहना था कि अगर कॉलेज प्रशासन समय पर अपने बीमार कर्मी का सही इलाज करवाया होता तो शायद उस कर्मी की जान बचायी जा सकती थी। मृत कर्मी दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान निवासी श्रवण कुमार दास बताये जाते हैं। स्थानीय पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया है।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे उक्त कर्मी की अचानक तबियत खराब हो गई। उसे पास के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के पश्चात चिकित्सक ने उसे समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गयी थी। सदर अस्पताल के डॉक्टर ने जांचोपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।


कॉलेज कर्मी की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। कुछ लोग इसे हार्टअटैक बता रहे हैं। वैसे मौत के कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पायेगा। उधर, कर्मी की मौत की सूचना मिलते ही कॉलेज के छात्र आक्रोशित हो गए। उन्होंने कॉलेज गेट पर पहुंच कर प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की।

छात्रों का कहना था की जब कर्मी की तबीयत खराब हुई तो उसी समय इलाज होना चाहिये था, लेकिन कालेज प्रशासन इलाज में विलंब किया। इलाज के लिए पहले मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया जहां कर्मी की मौत हो गई। छात्रों ने मृतक के परिजन को 10 लाख रूपया मुआवजा एवं आश्रित को नौकरी देने की मांग की है।













