


मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
समस्तीपुर में कानून के रखवाले ही इन दिनों सरेआम कानून को तोड़ते नजर आ रहे हैं। कुछ पुलिसकर्मी एवं अर्धसैनिक बल के जवानों द्वारा वाहन चेकिंग के नाम पर आम लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। आमलोगों को बीच सड़क पर सरेआम शारीरिक दंड दिया जा रहा है। इतना ही नहीं उसका वीडियो बनवाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी करवाया जा रहा है।

अब आप ही बताइये साहब! बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों को समस्तीपुर पुलिस आईपीसी के किस धारा के तहत सजा दे रही है। मोटर वाहन अधिनियम में कहाँ लिखा है कि बिना हेलमेट पकड़े जाने पर दोषी बाइकर्स को बीच सड़क पर मुर्गा बनाना है। ट्रीपल लोडिंग में पकड़े जाने पर कान पकड़ कर उठक-बैठक या पुशअप (एक तरह का कठिन शारीरिक व्यायाम) करवाना है।

क्या यह न्यायालय की अवहेलना और मानवाधिकार हनन का मामला नहीं बनता है? अगर, पुलिस ही कानून तोड़ने वालों को सरेआम सजा भी देने लगे तो फिर न्यायालय का क्या औचित्य है। न्यायालय में ताला लगा देना चाहिए, क्योंकि पुलिस तो अब नो फाइन, नो एफआईआर, फैसला ऑन द स्पॉट करने में सक्षम हो गयी है।

बुद्धिजीवियों का कहना है कि इन दिनों समस्तीपुर में अपराधी ‘मजा’ लूट रहे हैं, और आम आदमी को सड़क पर ‘सजा’ दी जा रही है। पूरे जिले को लोकसभा चुनाव को लेकर छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सभी थानों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। हर थाना क्षेत्र में मुख्य सड़क पर चेक पोस्ट बनाया गया है, लेकिन इसके वाबजूद अपराधी खुलेआम सड़क पर नंगा नाच कर रहे हैं। जब जहां मन हो जाय आम आदमी से लाखों रुपये लूट कर वे चले जाते हैं। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती।

क्या सारी सख्ती आम लोगों के लिए ही बरती जा रही है। अपराध पर तो कोई लगाम नहीं लग पाया है। गुरुवार को रोसड़ा थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप कर्मी से जब अपराधी चार लाख रुपये लूट रहे थे तब कहाँ थी समस्तीपुर की मुस्तैद पुलिस। उससे पहले रिलायंस ज्वेल्स में करोड़ों की डकैती हुई, एक महीने बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर पायी।

साहब, अपने कर्मियों को समझाइये, जितनी मुस्तैदी से वे आम लोगों के हेलमेट चेक करते हैं, उतनी मुस्तैदी से अगर बाइकर्स का कमर चेक करेंगे तो कितने अपराधी हथियार के साथ पकड़े जायेंगे। हेलमेट पहने हुए बाइकर्स को तो पुलिस रोकती भी नहीं है। जिसका नतीजा होता है कि हेलमेट पहन कर अपराधी पुलिस को चकमा देकर निकल जा रहे हैं और आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।














