समस्तीपुर सिविल सर्जन से स्पष्टीकरण, डीएम ने 24 घंटे के अंदर मांगा जवाब, अवैध रूप से संविदा विस्तार का है मामला

मिथिला पब्लिक न्यूज, समस्तीपुर ।

समस्तीपुर में लिपिक एवं एएनएम का अवैध रूप से संविदा विस्तार करने के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग में की गयी इस गड़बड़ी पर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने समस्तीपुर सिविल सर्जन से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है।

इससे पूर्व उन्होंने इसी प्रकरण में विभागीय निर्देशों की अनदेखी कर संविदा अवधि विस्तार करने का प्रस्ताव समर्पित करने वाले पांच कर्मियों से भी जवाब तलब किया था। जिसमें सहायक प्रशासी पदाधिकारी मो. नौशाद अहमद, जिला स्थापना प्रशाखा के प्रधान लिपिक राम सेवक महतो, सदर अस्पताल के उच्च वर्गीय लिपिक अभिषेक कुमार, स्थापना प्रशाखा के निम्न वर्गीय लिपिक अभिषेक कुमार सिंह एवं सदर अस्पताल के संविदा लिपिक रमेश प्रसाद से भी स्पष्टीकरण पूछा था।

डीएम योगेंद्र सिंह से स्पष्टीकरण पूछते हुए कहा है कि जिस तरीके से इस मामले में विभागीय पत्रों की अनदेखी की गई है, उससे स्पष्ट है कि उक्त कर्मियों को लाभ पहुंचाने की नियत से संविदा सेवा अवधि का विस्तार करने का प्रस्ताव आपके द्वारा अपना अनुशंसा के साथ स्थापना उप समाहर्ता, समस्तीपुर के यहाँ समर्पित किया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक 11651, दिनांक 12.07.2022 के आलोक में संविदा लिपिक रमेश प्रसाद एवं रामनंदन कुमार रजक का संविदा विस्तार तथा निदेशक प्रमुख के पत्रांक-353(06), दिनाक 19.02.2024 के आलोक में एएनएम का संविदा नियोजन विधि सम्मत नहीं है।

यह अत्यंत ही खेदजनक विषय है एवं आपके संदिग्ध आचरण को प्रदर्शित करता है। साथ ही विभागीय निदेशों के विपरीत संविदा विस्तार हेतु अनुशंसा करने में घोर लापरवाही बरती गई है। अतः पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करें कि विभागीय निर्देशों के विपरीत अनुशंसा करने, लापरवाही एवं स्वेच्छाचारी रवैया अपनाये जाने के कारण क्यों नहीं आपके विरूद्ध कार्रवाई हेतु विभाग को प्रतिवेदित कर दिया जाय।

यहां बता दें कि गोपगुट महासंघ के जिला सचिव अजय कुमार ने जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की थी। शिकायत के बाद आपदा एडीएम राजेश कुमार सिंह के द्वारा किए गए जांच के दौरान संविदा विस्तार व नियोजन को अवैध पाया गया था। जांच में पाया गया था कि विभाग के जिस निर्देश का हवाला दिया गया, उक्त अनुसूची में स्वास्थ्य विभाग के लिपिक का उल्लेख ही नहीं है। जिस वजह से उक्त शर्तें लिपिक के संविदा विस्तार पर प्रभावी नहीं माना जायेगा। इसमें केवल एक वर्ष के लिए ही संविदा नियोजन किया जाएगा।

संविदा लिपिक रमेश प्रसाद एवं राम नंदन कुमार रजक को पूर्व में एक वर्ष के लिए नियोजन किया जा चुका है। तो फिर जिला चयन समिति की बैठक में संविदा अवधि विस्तार किया जाना विधि सम्मत नहीं है। जिला चयन समिति के द्वारा सीएस के अनुशंसा के आलोक में एएनएम कर्मियों का संविदा नियोजन किया गया है। यह अवधि विस्तार पूर्व की तरह जिला स्तरीय गठित समिति के द्वारा किया गया है। परंतु स्वास्थ्य निदेशालय के निर्देश के आलोक में एएनएम का पद अब राज्य स्तरीय हो चुका है। इसमें एएनम के संविदा नियोजन हेतु सामान्य प्रशासन के अधीन गठित समिति का अनुशंसा प्राप्त किया जाना होता है। इसलिए एएनएम का किया गया संविदा नियोजन को भी विधि सम्मत नहीं बताया गया था।

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