


मिथिला पब्लिक न्यूज, समस्तीपुर ।
स्वास्थ्य विभाग के दो लिपिकों के संविदा विस्तार के मामले में नया मोड़ आ गया है। सिविल सर्जन ने विभाग के दोनों संविदा लिपिकों के नियोजन को समाप्त कर दिया है। इसको लेकर तीन दिन पूर्व 8 अप्रैल को सिविल सर्जन ने नियोजन समाप्ति की चिट्ठी भी जारी कर दी है।

जिसमें कहा गया है कि सरकारी कार्यों के सूचारू रूप से संपादन हेतु संविदा के आधार पर उक्त लिपिकों को नियोजित किया गया था। बाद में कार्य की अधिकता एवं लिपिकों की कमी को देखते हुए सेवा अवधि विस्तार करने हेतु आवेदन को अग्रसारित किया गया था। जिलाधिकारी के द्वारा निदेशित है कि सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक 11651 दिनांक 12.07.2022 के आलोक में उक्त संविदा लिपिक का संविदा विस्तार विधि सम्मत नही है।
इनकी एक वर्ष की संविदा अवधि दिनांक 02.04.2024 को पूर्ण हो गई है। अतः संविदा लिपिक का संविदा नियोजन भूतलक्षी प्रभाव से दिनांक 02.04.2024 से समाप्त की जाती है।

सिविल सर्जन का इस तरह से यू टर्न लेना विभाग में चर्चा का विषय बन गया है। कहा जा रहा है कि इन्होंने ही नियम के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग के लिपिक रमेश प्रसाद एवं राम नंदन रजक का संविदा नियोजन विस्तार करने की अनुशंसा जिलाधिकारी से की थी। लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ गोपगुट के शिकायत पर मामला फंस गया। डीएम ने जांच के आदेश जारी कर दिया। जांच में इस संविदा नियोजन विस्तार को अवैध करार दिया गया। जिसके बाद सिविल सर्जन को मजबूरन भूतलक्षी प्रभाव से उक्त दोनों लिपिक का संविदा नियोजन समाप्त करना पड़ा।

यहां बता दें कि लिपिक एवं एएनएम का अवैध रूप से संविदा विस्तार करने के मामले में समस्तीपुर सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी पूरी तरह से फंस चुके हैं। सिविल सर्जन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। संविदा विस्तार मामले में उनसे पिछले सात महीनों में उनके (सीएस) कार्यालय से भेजे गए संविदा नियोजन/संविदा अवधि विस्तार से सम्बंधित सभी प्रस्तावों की पूरी रिपोर्ट मांगी जा चुकी है।

संचिकाओं का प्रभार देने का आदेश जारी :
सिविल सर्जन ने लिपिक रमेश प्रसाद एवं राम नंदन रजक के संविदा विस्तार समाप्त करने के बाद उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों को भी अन्य लिपिकों में बांट दिया है। सम्बंधित लिपिकों को सभी संचिकाओं का प्रभार सौंपने का आदेश भी दिया गया है। यहां देखें कौन किस संचिका का लेंगे प्रभार :-

















