


मिथिला पब्लिक न्यूज, कमलेश झा ।
समस्तीपुर सदर अस्पताल के लिए बहुत अच्छी खबर है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) NQAS सर्टिफाइड हॉस्पीटल होने के बाद इसे DNB (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) की मान्यता भी मिल गयी है। अब इस अस्पताल में डॉक्टर इलाज के साथ पढ़ाई भी करेंगे। इन डॉक्टरों को पढ़ाने के लिए विभाग ने सदर अस्पताल के दो फैकल्टी को भी चुन लिया है। जो सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉ इशरत परवीन और डॉ राजेश कुमार बताये जाते हैं।

समस्तीपुर सदर अस्पताल सहित राज्य के दो अस्पतालों को DNB की मान्यता मिली है। राज्य में डीएनबी की पढ़ाई के लिए मान्यता मिलने वाले अस्पतालों की संख्या अब 5 हो गयी है। पूर्व से तीन अस्पतालों क्रमशः मोतिहारी सदर अस्पताल में 6 सीट, सीतामढ़ी में 2 और एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में 4 सीट के लिए डीएनबी की सुविधा उपलब्ध थी।

समस्तीपुर सदर अस्पताल को पेडियाट्रिक्स के लिए दो सीटों की मान्यता मिली है। इसके अलावा भोजपुर के कोइलवर स्थित बिहार मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (बिम्हास) को डीएनबी के 4 सीटों की मान्यता मिली है। जिसमें साइकेट्री के लिए 3 डिग्री और एक पोस्ट डिप्लोमा की पढ़ाई होगी।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि राज्य के 33 जिला अस्पतालों में डीएनबी की पढ़ाई शुरू हो जाए। 33 अस्पतालों में डीएनबी की पढ़ाई शुरू होने से लगभग 150 सीटें बढ़ जाएंगी। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन फॉर मेडिकल साइंसेज की टीम इन सदर अस्पतालों का निरीक्षण भी कर चुकी है।

डीएनबी की मान्यता मिलने के बाद चिकित्सकों की कमी से भी कुछ निजात मिलेगी। यहां पढ़ाई करने वाले चिकित्सक एमबीबीएस डिग्रीधारी होंगे, जो अस्पताल में अपनी सेवा भी देंगे। या यूं कहें कि वो मरीजों के इलाज के साथ साथ पढ़ाई भी करेंगे।















