


मिथिला पब्लिक न्यूज, समस्तीपुर ।
समस्तीपुर एएनएम स्कूल में शनिवार को विश्व हाथ स्वच्छता दिवस के अवसर पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी एएनएम छात्रों को हाथों की स्वच्छता के महत्व और सही तरीके से हाथ धोने की आवश्यकता के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में एएनएम स्कूल में पढ़ाई कर रही सेकंड ईयर की 40 छात्राओं ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रशिक्षण की शुरुआत हेल्थकेयर पर्सन और रोगी की सुरक्षा के लिए प्रभावी हैंड हाइजीन की महत्व की जानकारी देकर की गयी। जिसमें बताया गया कि हैंड हाइजीन क्यों महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य सेवा संबंधी संक्रमणों को बढ़ाने वाले जो जीवाणु होते हैं, वे हेल्थकेयर पर्सन के हाथों पर भी प्रसारित हो सकते हैं। हाथ हाइजीन संक्रमण के प्रसार को रोकने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तरीका है।

बताया गया कि प्रत्येक 100 मरीज में से चार को हेल्थकेयर संबंधी संक्रमण होता है। कार्यक्रम में उन सतहों के बारे में बताया जो साफ दिखते हैं लेकिन होते नहीं और जिसके कारण बैक्टीरिया कई दिनों तक उपकरण और अन्य सतहों जैसे बेड रोल, आईवी पंप आदि पर सुरक्षित रह सकते हैं। यदि आप केवल पर्यावरणीय सतहों को छूते हैं तो सतह को छूने के बाद और बाहर निकलते समय हाथ हाइजीन का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।

कब आपको हाथ साफ करना चाहिए :
– मरीज को छूने से पहले और बाद में
– एक साफ/एसेप्टिक प्रक्रिया प्रदान करने से पहले
– शरीरीय तरल पदार्थ के सीधे संपर्क के बाद
– मरीज के आसपास की सतहों को छूने के बाद

क्या है हाथ स्वच्छता की विधियां :
1. अल्कोहल आधारित हाथ रब
2. पानी से हाथ धोना
3. एंटीसेप्टिक हाथ वॉश
4. सर्जिकल हाथ हाइजीन/एंटीसेप्सिस
5. एल्कोहल आधारित हाथ रब














