

मिथिला पब्लिक न्यूज, समस्तीपुर ।
जिले में साइबर क्राइम के मामले काफी बढ़ गये हैं। साइबर ठग रोज किसी न किसी को अपना शिकार बना ही लेते हैं। अब तो पढ़े लिखे लोग भी आसानी से इनके झांसे में आ रहे हैं। दो दिन पूर्व समस्तीपुर सदर अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ पवन कुमार के साथ भी ठगी की गई है।

बताया जाता है कि साइबर फ्रॉड ने डॉ पवन कुमार से जमीन का ऑनलाइन रसीद काटने के नाम पर 18 हजार रुपए की ठगी कर ली है। जब तक डॉक्टर को ठगे जाने का अहसास हुआ तब तक वे 18 हजार रुपए गंवा चुके थे। इस घटना को लेकर उन्होंने साइबर सेल के टॉल फ्री नम्बर पर शिकायत दर्ज कराई है।

घटना को लेकर डॉ पवन कुमार ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक नम्बर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने उनसे जमीन का ऑनलाइन रसीद कटवाने की जानकारी दी। उन्हें अपने जमीन का रसीद कटवाना था इसलिए वे तैयार हो गये। इसके बाद उनसे साइबर फ्रॉड ने एक बार 3580 रुपये, उसके बाद 6200 रुपये एवं तीसरे जमीन के रसीद के लिए 8000 हजार रुपए अपने अकाउंट पर ट्रांसफर करवा लिया।

यहां बता दें कि जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है। साइबर फ्रॉड इस तरह का कॉल करके लोगों से लाखों रुपये तक की ठगी कर लेते हैं। इसलिए अगर कभी अनजान नम्बर से इस तरह का कोई कॉल आये तो सावधान हो जायें। पूरी तहकीकात किये बिना ना तो ओटीपी शेयर करें और ना ही अपनी फायनेंसियल गोपनीय जानकारी साझा करें।

बने जागरूक, ऐसे करें बचाव :
* किसी अज्ञात नम्बर से वाट्सएप और मैसेंजर पर कॉल आये तो सतर्क हो जाएं।
* प्रोफाइल फोटो में पुलिस अफसर की फोटो लगी हो तो डरें नहीं।
* कॉल करने वाले से सवाल-जवाब कीजिए और पूरी जानकारी लीजिए।
* कॉल करने वाला जिस पुलिस स्टेशन का नाम ले रहा है उसका पता करें।
* पैसे ट्रांसफर या किसी तरह का ओटीपी तो हरगिज शेयर नहीं करें।
* जिस पारिवारिक सदस्य को छोड़ने या फंसाने का झांसा दिया जा रहा हो उससे सम्पर्क करें।
* ठगों का सबसे बड़ा हथियार डर है. आप डर गए तो झांसे में आ जाएंगे।
* इस तरह का कॉल आये तो तत्काल पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।















