

मिथिला पब्लिक न्यूज, कमलेश झा ।
समस्तीपुर पुलिस ने कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के सिंघिया खुर्द गांव में हुई फूलो देवी हत्याकांड का खुलासा कर लिया है। बताया जाता है कि इस घटना को किसी और ने नहीं खुद फूलो देवी की बेटी ने ही अंजाम दिया था। क्योंकि उसकी मां प्रेम में बाधा बन रही थी। इसलिए उसने अपनी मां की गड़ासा से काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने अपनी मां की उस हत्यारिन बेटी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका के घर में रखे ट्रंक से घटना में प्रयुक्त गड़ासा के साथ बेटी के खून लगे कपड़े को भी पुलिस ने बरामद किया है। गिरफ्तार लड़की ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

एसपी विनय तिवारी ने शनिवार को प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने घटना को लेकर बताया कि 25 मई की रात कर्पूरीग्राम थाना के सिंघिया खुर्द निवासी बैजनाथ महतो की पत्नी फूलो देवी की उसके ही घर में लहूलुहान अवस्था में लाश मिली थी। किसी ने धारदार हथियार से उसके सिर पर कई वार करके निर्दयता से मौत के घाट उतार दिया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुये कर्पूरीग्राम थाने की पुलिस एवं समस्तीपुर पुलिस की तकनीकी शाखा की टीम ने कांड के उद्भेदन के लिए विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान प्रारंभ किया। अनुसंधान के क्रम में मानवीय आसूचना संकलन एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर कांड में मृतका की बेटी पर ही शक की सुई जा रही थी। जिसको लेकर उसे निरूद्ध (हिरासत में लिया) किया गया।

पूछताछ के दौरान उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। अरोपिता ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया गया कि वह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरपुर सिलौत निवासी रामस्वरूप राम के पुत्र दिनेश राम से प्रेम करती है। 06 माह पूर्व वह दिनेश के सम्पर्क में आयी और उससे प्यार करने लगी। वह उसी से शादी भी करना चाहती थी। इस बात की जानकारी उसकी माँ (मृतका फूलो देवी) को हुई तो वह विरोध करने लगी। इतना ही नहीं अपनी बेटी की शादी के लिए दूसरा लड़का ढूढने लगी।

इस वजह से दोनों मां-बेटी में हमेशा झगड़ा होते रहता था। इधर, लड़की अपने प्रेमी दिनेश राम पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। जिस पर दिनेश राम ने घर से भाग कर शादी करने से मना कर दिया। उधर, 10 दिन पहले मृतका ने अपनी बेटी की शादी दूसरी जगह ठीक कर दी। इस बात से मां-बेटी में खूब झगड़ा होने लगा। अंततः उसने अपनी माँ को रास्ते से हटा कर दिनेश राम से शादी करने की प्लानिंग कर ली।

इसके घर में एक गड़ासा रखा हुआ था, जिसे लड़की ने शाम में ही छुपाकर रख दी। रात्री में करीब 08:00 बजे इसकी दादी और छोटा भाई पुराने घर पर सोने चला गया तथा ये और मृतिका अन्य दिनों की तरह दूसरे घर में रह गई। रात्री करीब 10:00 बजे जब उसकी मां फूलो देवी गहरी निंद में सो गयी तो लड़की चुपके से गड़ासा ले आयी और मां के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दी। जिससे उसकी मां की मौत हो गई। बताया जाता है कि माँ की हत्या के बाद लड़की ने अपने कपड़े जिसपर खून के छिट्टा पड़ गया था एवं गड़ासा को छुपाकर ट्रंक में रख दिया। इसके बाद प्रेमी दिनेश राम को फोन कर भाग चलने के लिए दो घंटे तक दबाव बनाती रही। जब दिनेश राम नहीं माना तो वह घबड़ा गयी एवं पड़ोसी मनोज पासवान के घर पर पहुँची और पीछे के रास्ते से छत पर चढ़कर सो गयी। सुबह सबसे पहले उठकर अपने घर गयी और जोड़ से रो-रोकर अपनी माँ की हत्या किसी के द्वारा करने की बात कहकर चिल्लाने लगी। ताकि पुलिस या ग्रामीण को शक न हो। घटना के बाद से ही पुलिस को बेटी की कार्यशैली संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। बाद में मानवीय आसूचना एवं अनुसंधान के दौरान पुख्ता सबूत भी मिल गए। जिसके बाद बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया।














