छपरा में हुई अधिवक्ता पिता-पुत्र की हत्या के विरोध में आंदोलन तेज, समस्तीपुर में भी अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

मिथिला पब्लिक न्यूज, समस्तीपुर ।
छपरा में हुई अधिवक्ता पिता-पुत्र की हत्या के विरोध में बिहार के कई जिलों में आंदोलन हो रहा है। शुक्रवार को समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय में भी अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया है। अधिवक्ताओं ने पूरे दिन अपने आप को न्यायिक कार्यों से अलग रखा। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने 3वन हत्यारे को फांसी देने की मांग कर रहे थे।


एनजीओ संघ बिहार के सचिव सह अधिवक्ता संजय कुमार बबलू ने बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हत्या की जांच सीबीआई से कराने एवं दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर सजा देने और अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है। मौके पर अधिवक्ता संघ के सचिव विमल किशोर, अध्यक्ष किरण सिंह, ठाकुर विक्रम सिंह, सुधीर कुमार, चंदन कुमार, कुंदन कुमार, रवि शंकर चौधरी, मनोज कुमार सिंह, विजय ठाकुर, गिरजानंद शर्मा, रंजीत कुमार, कृष्ण कुमार तिवारी, प्रभाष कुमार एवं नीरज कुमार आदि अन्य अधिवक्ता मौजूद थे


यहां बता दें कि छपरा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुधिया पोखर के समीप 12 जून की सुबह अपराधियों ने कोर्ट जा रहे अधिवक्ता पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोनों पेशे से वकील थे, और सुबह-सुबह वे कचहरी जा रहे थे। मृत पिता पुत्र की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया गांव निवासी राम अयोध्या प्रसाद और सुनील यादव के रूप में हुई थी।


जानकारी के अनुसार घटना के वक्त दोनों पिता-पुत्र बाइक से कचहरी जाने के दौरान दूधिया पोखर के पुल के समीप पहुंचे थे। जहां बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। गोली लगने के बाद आनन-फानन में दोनों को अस्पताल लाया गया था। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया था।

बताया जाता है कि अधिवक्ता पिता-पुत्र की हत्या बड़ी ही सटीक प्लानिंग से की गयी थी। जैसे ही वे दूधिया पुल के पास पहुंचे थे कि पीछे से तीन मोटरसाइकिल पर सवार पांच अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने पिस्टल सटाकर पहले पिता के सिर में गोली मार दी। पुत्र जान बचाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे भी पकड़ कर बदमाशों ने सीने व पेट में गोली मार दी। बताया जाता है कि जमीन संबंधी विवाद को लेकर पूर्व में भी उनके मृतक के भतीजे की हत्या कर दी गयी थी। वहीं इन लोगों पर भी कई बार जानलेवा हमला हो चुका था।

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