थानेश्वर स्थान मंदिर में रक्तदान शिविर, 79 नवयुवकों ने किया रक्तदान


मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
सनातन रक्तदान समूह के द्वारा समस्तीपुर के नगर सेठ कहे जाने वाले थानेश्वर स्थान मंदिर में रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नवयुवकों ने रक्तदान करने के साथ साथ महादेव का दर्शन भी किया। शिविर में रक्तदान करने वालों में भाजपा नेता रंजित निर्गुणी, डॉ राहुल, दीपक सिंह चौहान, निगम पार्षद सुजय कुमार गुड्डू, सुयश सिंह, अंकित झा, निखिल झा, कुंदन तनेजा, संजय मोर, कृष्णा रमन, प्रदीप कुमार,

रोहित शर्मा, सचिन शर्मा, रौशन शर्मा, अमन सिंह, संजय कुमार, कामरेंद्र कुमार, विवेक सिंह, कुमार करण, दीपक कुमार, मनीष कुमार चौधरी, शिवम कुमार, रितेश कुमार, राहुल राज, सात्विक, कन्हाई चौधरी, धीरज यादव, जितेंद्र कुमार, अंकित, नीतेश ठाकुर, अमित कुमार, आकस कुमार, रणजीत कुमार पासवान, अभिषेक कुमार, विजय कुमार, अजीत कुमार, श्याम सुंदर, नवीन कुमार, सुमन कुमार, विद्या नंद सागर, प्रकाश कुमार, सुजीत, करण, अमृता कुमारी, ममता कुमारी, मंजू कुमारी सहित 79 रक्तवीर शामिल थे।


जिन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। सकारात्मक बात है की इस रक्तदान शिविर में 15 से अधिक रक्तवीर ऐसे थे, जिन्होंने पहली बार रक्तदान किया है। शिविर को सफल बनाने में केशव यादव, शुभम, सूरज, रौशन सिंह, निखिल सिन्हा, रवि, सचिन आदि ने महत्वपूर्ण सहयोग किया। रक्त संग्रहण का कार्य भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी समस्तीपुर और निरामया ब्लड बैंक पटना की टीम ने किया।


सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए सनातन रक्तदान समूह के संस्थापक अविनाश कुमार बादल ने कहा कि इस रक्तदान शिविर को मंदिर प्रांगण में लगाने का उदेश्य था कि रक्तदान के क्रांति की मशाल जो सनातन रक्तदान समूह के रक्तवीर लेकर चल रहें हैं, वह आम जनमानस तक पहुंच पाए। लोग रक्तदान की प्रक्रिया को बहुत जटिल समझते हुए रक्तदान से घबराते हैं। जिसके कारण बीमार मरीज जिन्हें रक्त की आवश्यकता होती है, वैसे मरीजों को परिजन के होने के बाद भी समय पर रक्त नहीं मिलता है।


रक्त समय पर नहीं मिलने के कारण मरीज की मृत्यु तक हो जाती है। यह केवल जागरूकता की कमी के कारण हो रहा है। जबकि रक्तदान बहुत ही सरल प्रक्रिया है जिससे मरीज का जीवन तो बचता ही है साथ ही रक्तदाता को भी स्वास्थ्य लाभ मिलता है। रक्तदान करने से हम कई प्रकार की बीमारियों से भी बचते हैं।


उन्होंने कहा कि सनातन रक्तदान समूह का विगत कई वर्षों से यह प्रयास है की रक्तदान के प्रति लोगों के मन में जो भ्रांतिया है उसे दूर करतें हुए स्वेक्षिक रक्तदाता की संख्या में इजाफा करना है। जिससे रक्तकेंद्र में रक्त की उपलब्धता बनी रहे, साथ ही रक्तदान शिविर में आए रक्त से हम वैसे मरीजों को निशुल्क रक्त उपलब्ध करवा पाए जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। जिन्हे बराबर रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। साथ ही आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भी मदद मिल सके।


संस्था सभी 18 वर्ष से अधिक उम्र के स्वस्थ लोगों से निवेदन करता है की वो अपने आसपास के अधिकृत रक्त केंद्र में जाकर अवश्य ही रक्तदान करें। एक स्वस्थ पुरूष हर 3 महीने पर और महिला 4 महीने पर रक्तदान कर सकती हैं। भारत को युवाओं का देश कहा जाता है तो युवाओं का ये दायित्व है की समाज के लिए इस पवित्र कार्य में सम्मिलित होकर मानवता का धर्म निभाएं।

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