“वक्ता और श्रोता के रूप में कठिन बातचीत का दृष्टिकोण” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

मिथिला पब्लिक न्यूज, समस्तीपुर ।
समस्तीपुर सदर अस्पताल में “वक्ता और श्रोता के रूप में कठिन बातचीत का दृष्टिकोण” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन सदर अस्पताल समस्तीपुर और पिरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप के संयुक्त प्रयास से किया गया था। बुधवार को कार्यशाला का शुभारंभ अस्पताल के चेतना गीत से हुआ। इस अवसर पर उपाधीक्षक डॉक्टर गिरीश कुमार के साथ साथ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर नागमणि, डॉ मनीष कुमार, डॉ समृद्धि, डॉ राजीव रंजन, डॉ राजेश कुमार, डॉ आरपी मंडल, डॉ कुमारी प्रेमा, डॉ अशुतोष सहित सभी नर्स इंचार्ज एवं स्टाफ नर्स उपस्थित थे।

पिरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप की टीम ने कठिन बातचीत को प्रबंधित करने के महत्व पर बल दिया और बताया कि यह कार्यशाला इस बात पर केंद्रित है कि कैसे इस प्रयास को मानव व्यवहार में लाया जाय। कार्यशाला में सभी नर्सों के साथ इस विषय पर संवाद किया गया और उन्हें अपने कार्यस्थल पर इसे लागू करने के तरीके सिखाए गये।

विभिन्न प्रकार की गतिविधियों जैसे कि आइस ब्रेकिंग, वीडियो प्ले एक्टिविटी और शेयरिंग एक्टिविटी के माध्यम से प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर वक्ता और श्रोता के रूप में कठिन बातचीत कैसे करें, इस पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों से इस स्थिति को समझने, धारणाएं बनाने और मुद्दे को संबोधित करने के उद्देश्य पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों के माध्यम से प्रतिभागियों को कठिन बातचीत की तैयारियां, अपनी भावनाओं को पहचानने और समस्या को अनदेखा करने पर संभावनाओं के बारे में बताया गया। इसका उद्देश्य था कि विभागीय समस्याओं को आपसी बातचीत और विभिन्न दृष्टिकोणों से हल करने के तरीके सिखाए जाएं।

कार्यशाला के बाद प्रतिभागियों से उनके व्यक्तिगत लाइव एक्शन प्रोजेक्ट पर चर्चा की गई, जिसमें उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन में बदलाव लाने और कार्यस्थल में सुधार की योजना बनाई। कार्यक्रम के अंत में एक डिब्रीफ सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी सीख और अनुभव साझा किये।

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