


मिथिला पब्लिक न्यूज, कमलेश झा ।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर तक फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटर, लैब व जांच घरों का संचालन किया जा रहा है। जहां डॉक्टरों के नाम पर मरीजों को ठगा जा रहा है। जांच और रिपोर्ट टेक्नीशियन देते हैं, लेकिन नाम डॉक्टरों का होता है। अपवाद स्वरूप कुछ जांच घरों को छोड़ दिया जाय तो अधिकतर जांच घरों में ऐसा ही हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इन पर शिकंजा कसने के बजाय कार्रवाई के नाम पर बस खानापुरी करती है।

मंगलवार को मिथिला पब्लिक न्यूज पर खबर चलने के बाद एक बार फिर खानापूरी करने में विभाग जुट गया है। बुधवार को खानपुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने खानपुर पीएचसी के सामने संचालित मॉडर्न अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं खतुआहा चौक पर संचालित खानपुर अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालकों को 24 घंटे के अंदर पंजीकरण सत्यापन कराने का आदेश दिया है।

जिसमें उन सेंटरों से अल्ट्रासाउंड पंजीकरण प्रमाण पत्र, अधिकृत सोनोलॉजिस्ट का शैक्षणिक एवं पंजीकरण प्रमाण पत्र, वॉयोमेडिकल वेस्ट निबंधन संबंधित प्रमाण पत्र, अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र, अल्ट्रासाउंड मशीन का प्रकार एवं पूर्ण विवरणी के साथ साथ जिस मकान में अल्ट्रासाउंड संचालित है, उसका कागजात अथवा पंजीकृत किराया नामा का मूल प्रति तथा स्वअभिप्रमाणित छाया प्रति लेकर कार्यालय में सत्यापित कराने को कहा गया है। इसमें लापरवाही बरतने पर उन संस्थानों को बंद कर कार्रवाई करने की सख्त चेतावनी दी गई है।
साहब के इस आदेश से यह तो साबित हो गया है कि खानपुर में दो-दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों का संचालन किया जा रहा है। इतना ही नहीं साहब को इसकी जानकारी भी है। अब सवाल यह उठता है कि इतने दिनों से नजर के सामने अल्ट्रासाउंड सेंटरों का संचालन किया जा रहा था तो आपने उसकी जांच क्यों नहीं की। क्या मीडिया में खबर छपने के बाद ही आपकी तन्द्रा भंग होती है। या वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद अपनी कुर्सी बचाने की जुगत में लगते हैं। चलिये देर से ही सही अब देखते हैं आपकी जांच एवं कार्रवाई किस स्तर की होती है।
















