


मिथिला पब्लिक न्यूज, कमलेश झा ।
समस्तीपुर में एक बार फिर चर्चित प्रॉपर्टी डीलर गौरव मोहन पर जानलेवा हमला किया गया है। इस हमले में एक बार फिर प्रॉपर्टी डीलर का भाग्य ने साथ दिया है। उसे गोली तो लगी है लेकिन वह खतरे से बाहर बताया जाता है। गोली उसके कनपटी को छूकर निकल गयी है घटना के बाद भाग रहे बदमाशों में एक को पकड़ कर भीड़ ने उसकी जमकर की पिटाई कर दी है। जिसे बाद में पुलिस ने हिरासत में लेकर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है।pp

घटना रविवार देर शाम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर स्थित गौरव मोहन के आवास के समीप घटी है। बताया जाता है कि गौरव बाहर में टहल रहे थे। इसी दौरान एक अपाचे बाइक पर सवार 3 अपराधी गौरव मोहन के पास पहुंचे। अपराधियों ने उसे अपने साथ जबर्दस्ती ले जाने का प्रयास किया। लेकिन गौरव के विरोध कर देने पर अपराधियों ने उसपर फायरिंग शुरू कर दी। संयोग से गोली कनपटी को छूकर निकल गयी। इसके बाद गौरव ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचायी। बाद में स्थानीय लोगों ने उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

इधर गोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। भीड़ को आता देख बाइक सवार 2 अपराधी तो भागने में सफल हो गए, लेकिन तीसरे को लोगों ने पकड़ लिया। जिसकी भीड़ ने जमकर पिटाई कर दी। बताया जाता है कि पकड़े गए अपराधी के पास से हथियार भी मिले हैं, जिसे लोगों ने पुलिस को सौंप दिया है। घटना की सूचना पहुंची मुफस्सिल थानाध्यक्ष पिंकी प्रसाद ने भीड़ से घिरे बदमाश को हिरासत में लेकर तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है।
इस घटना से एक बार फिर भू माफियाओं के बीच पिछले कई सालों से जारी खूनी संघर्ष को हवा मिल गयी है। बताया जाता है कि जख्मी प्रॉपर्टी डीलर गौरव मोहन की भू माफियाओं के साथ पुरानी अदावत चली आ रही थी. बताया जाता है कि गौरव मोहन पर तीन बार जानलेवा हमला हो चुका है। मोहनपुर डीपीएस स्कूल के पास हुई एक घटना में तो उसके ड्राइवर की मौत भी हो गई थी।

यहां बता दें कि जिले में प्रोपर्टी डीलिंग का कारोबार शुरू से ही रक्तरंजित होता रहा है। इस कारोबार से जुड़े लोगों की एक के बाद एक करके लगातार हत्या हो रही है। यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला पुलिस एक घटना में जबतक अनुसंधान शुरू करती है तबतक दूसरे की हत्या हो जाती है। इससे कुछ महीने पूर्व ही रंजन वर्मा की हत्या कर दी गयी थी। रविवार की रात हुई यह घटना भी इसी की एक कड़ी है। इससे पूर्व रिंकू चौधरी, मनमोहन झा, लक्की हत्याकांड, गौरव के भाई सौरभ मोहन पर फायरिंग, पूसा प्रखंड प्रमुख के पति की हत्या आदि घटनाएं भी प्रोपर्टी डीलिंग की रक्तरंजित कारोबार की एक कड़ी थी।















