भारत में वेदों के अनुसार शिक्षा प्रणाली लागू हो : डॉ अनिरुद्धाचार्य जी महाराज

मिथिला पब्लिक न्यूज, कमलेश झा ।

सरायरंजन के उदयपुर गांव में श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन गुरुवार को डॉ अनुरुद्धाचार्य जी महाराज ने देश में व्याप्त समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी शिक्षा व्यवस्था हो, जिसके तहत एक ही स्कूल में गरीब रिक्शा वाला, कलेक्टर, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का बेटा एक साथ पढ़े। शिक्षा पर सबका बराबर अधिकार हो, और वह पूरी तरह से फ्री हो। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि बिजली और सिलेंडर का पैसा भले ले लो लेकिन ऐसी व्यवस्था करो कि शिक्षा पूरी तरह से फ्री हो जाय। दूसरा उन्होंने स्वास्थ्य सेवा को भी फ्री करने की अपील की, ताकि कोई गरीब बीमार पैसों के कमी के कारण ना मरे।


अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि हम भारत को इतना शिक्षित कर दें, ऐसा व्यवस्था कर दें कि शिक्षा और स्वास्थ्य सरल हो जाय। उन्होंने देश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी चोट किया। उदाहरण सड़क का देते हुए कहा कि सड़क बनती है और फिर तुरंत पहली ही बारिश में टूट जाती है। ऐसा ना हो, इसमें व्याप्त भ्रष्टाचार और निजी स्वार्थ खत्म हो। उन्होंने देश के विकास को सर्वोपरि बताया, ताकि भारत की अलग पहचान बने। उन्होंने भारत में भी अमेरिकन शिक्षा नीति को विकसित करने की जरूरत बतायी। आचार्य ने कहा कि अपने देश में वेदों पर रिसर्च हो, रामसेतु पर रिसर्च हो ताकि उसी तकनीक से पुल बनाई जाए। बिहार में बहुत गरीबी है, बिहार के नेताओं से इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कम से कम ऐसी व्यवस्था हो जिसमें सबको रोटी कपड़ा और मकान मिले।

महाराज ने नवयुवकों से कहा कि श्रवण जैसा न बन पाए तो कम से कम अमन के तरह मां बाप और समाज को भागवत कथा का श्रवण तो कराओ। कथा में कृष्ण के रास लीला का भी वर्णन किया। रास को लेकर कहा कि रास में कहीं से भी कोई वासना नहीं है, वह तो भक्त का भगवान से मिलन था, इसे गलत ना समझें, उन्होंने गोपियों के बारे में कहा कि उन्होंने अपनी इंद्रियों को अपने वश में कर रखा था। जिस तरह से माता पिता को देखने से काम वासना खत्म हो जाती है उसी तरह से भगवान को देखकर गोपियों की वासना भी समाप्त हो गई थी। इसके बाद उन्होंने पति और पत्नी को परिभाषित किया। पति और पत्नी के धर्म, कर्तव्य, दायित्व एवं अधिकार पर विस्तृत रूप से वर्णन किया। उन्होंने दहेज प्रथा रूपी कोढ़ को समाज से खत्म करने की अपील की। लोगों से दहेज नहीं लेने का वचन लिया।


यहां बता दें कि उदयपुर निवासी मुकुंद झा के पुत्र युवा समाजसेवी अमन झा के द्वारा श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया गया है। जहां दूर-दराज से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने एवं भोजन की भी व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन भंडारा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भोजन भी करते हैं। दुर्गा मेला में बच्चों के मनोरंजन की भी पूरी व्यवस्था की गई है। मेला में झूला, मौतकुआ एवं अन्य प्रकार के मनोरंजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रबंध भी किए गए हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में स्मार्ट स्टेप्स इवेंट के संचालक अमित कुमार के साथ साथ नवनीत ठाकुर एवं समस्त उदयपुर के ग्रामीणों ने महती भूमिका निभाई है। शुक्रवार को कथा का समापन किया जायेगा।

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