

मिथिला पब्लिक न्यूज, कमलेश झा ।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दरभंगा में एम्स के साथ साथ 12 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न परियोजनाओं का किया शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने जनसभा को भी सम्बोधित किया। मिथिला की धरती पर मैथिली में सम्बोधन की शुरुआत की। जैसे ही उन्होंने कहा कि “राजा जनक, सीता मैया कविराज विद्यापति के ई पावन मिथिला भूमि के नमन करें छी, ज्ञान-धान-पान-मखान…ये समृद्ध गौरवशाली धरती पर अपने सबके अभिनंदन करे छी” कि पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने बिहार की धरती से झारखंड के मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज पड़ोसी राज्य झारखंड में पहले चरण के लिए मतदान हो रहा है। झारखंड के लोग विकसित झारखंड के सपने को पूरा करने के लिए वोट डाल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मिथिला की धरती की बेटी स्वर कोकिला शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शारदा सिन्हा जी ने भोजपुरी और मैथिली संगीत की जो सेवा की है, वह अतुलनीय है। खासतौर पर महापर्व छठ की महिमा को जिस तरह उन्होंने अपने गीतों से पूरी दुनिया में पहुंचाया, वह अद्भुत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार समेत पूरा देश विकास के बड़े-बड़े लक्ष्यों को पूरा होते देख रहा है। जिन सुविधाओं, परियोजनाओं की पहले सिर्फ चर्चा होती थी, आज वो वास्तविकता बनकर जमीन पर उतर रही है। हम विकसित भारत की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि हम इसके साक्षी बन रहे हैं और इसे पूरा करने में अपना योगदान भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देश की सेवा के लिए, लोगों के कल्याण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। सेवा की इसी भावना से यहां विकास से जुड़े 12 हजार करोड़ रुपए के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें रोड, रेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स हैं। सबसे बड़ी बात दरभंगा में एम्स का सपना साकार होने की तरफ एक बड़ा कदम उठाया गया है। दरभंगा एम्स के निर्माण से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा। इससे मिथिला, कोसी और तिरहुत क्षेत्र के अलावा पश्चिम बंगाल और आसपास के कई क्षेत्र के लोगों के लिए सुविधा होगी। नेपाल से आने वाले मरीज भी इस एम्स अस्पताल में इलाज करा सकेंगे। एम्स से यहां रोजगार-स्वरोजगार के अनेक नए अवसर बनेंगे। उन्होंने दरभंगा को, मिथिला को, पूरे बिहार को इन विकास कार्यों के लिए बधाई भी दिया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश में सबसे बड़ी आबादी गरीब और मध्यम वर्ग की है, और बीमारी भी सबसे अधिक इन्हीं वर्गों को प्रभावित करती है। इस वजह से इलाज पर इनका खर्च भी बहुत ज्यादा होता है। हम सब उसी पृष्ठ भूमि के हैं, गरीब और सामान्य परिवारों से निकले हैं। इसलिए घर में कोई गंभीर रूप से बीमार पड़ता है तो कैसे पूरा घर संकट में आ जाता है, हम इस चिंता को भली-भांति समझते हैं। और पहले के दौर में स्थितियां भी बहुत कठिन हुआ करती थी। अस्पताल बहुत ही काम थे, डॉक्टरों की संख्या बहुत ही कम थी, दवाइयां बहुत महंगी थी, बीमारी की जांच का कोई ठिकाना नहीं था, और सरकारें सिर्फ वादों और दावों में ही उलझी रहती थी। यहां बिहार में जब तक नीतीश जी सरकार में नहीं आए थे तब तक गरीबों की इस चिंता को लेकर कोई गंभीरता ही नहीं थी। गरीब के पास चुपचाप बीमारी सहने के अलावा और कोई चारा नहीं था। ऐसी स्थिति में हमारा देश कैसे आगे बढ़ता, इसलिए पुरानी सोच और अप्रोच दोनों बदला। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देश में स्वास्थ्य को लेकर हॉलिस्टिक अप्रोच के साथ काम कर रही है। हमारा पहला कदम, हमारा फोकस बीमारी से बचाव पर है, दूसरा फोकस बीमारी की सही तरीके से जांच पर हैं, तीसरा फोकस है लोगों को मुफ्त और सस्ता इलाज मिले और सस्ती दवाएं मिले, हमारा चौथा फोकस है छोटे शहरों में भी इलाज की बेहतरीन सुविधाएं पहुंचाना। देश में डॉक्टरों की कमी को दूर करना और हमारा पांचवा फोकस है स्वास्थ्य सेवाओं में टेक्नोलॉजी का विस्तार करना है।

चलाया जा रहा फिट इंडिया मूवमेंट :
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई परिवार नहीं चाहता कि उसके घर में कोई बीमार पड़े, शरीर स्वस्थ रहे इसके लिए लोग आयुर्वेद, पोषक खान-पान का महत्व लोगों को बताया जा रहा है। फिट इंडिया मूवमेंट चलाया जा रहा है। ज्यादातर सामान्य बीमारियों की वजह गंदगी, दूषित खान-पान, खराब जीवनशैली होती है। इसलिए स्वच्छ भारत अभियान, हर घर शौचालय, नल से जल जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से शहर तो स्वच्छ बनता ही है बीमारियां फैलने की गुंजाइश भी कम होती है। उन्होंने इस कार्यक्रम को लेकर दरभंगा में चलाये जा रहे सफाई अभियान को लेकर मुख्य सचिव की सराहना की। बिहार सरकार के सभी कर्मचारी बंधुओं और दरभंगा के नागरिकों का इस स्वच्छता अभियान को ताकत देने के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इक्छा जाहिर करते हुए कहा कि मैं चाहूंगा कि आगे 5-7-10 दिन भी इस कार्यक्रम को और तेजी से चलाया जाए।

आयुष्मान योजना से करोड़ों परिवारों को मिली राहत :
प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्यादातर बीमारियों का अगर समय रहते इलाज शुरू कर दिया जाए तो उन्हें गंभीर होने से रोका जा सकता है, लेकिन महंगी जांच की वजह से अक्सर लोग बीमारी के बारे में जान ही नहीं पाते, इसलिए हमने देश भर में डेढ़ लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाएं हैं। इससे कैंसर, डायबिटीज जैसी अनेक बीमारियों के बारे में शुरू में ही पता लग सकता है।
आयुष्मान भारत योजना से अब तक देश में 4 करोड़ से अधिक गरीब मरीजों का इलाज हो चुका है। अगर आयुष्मान भारत योजना ना होती तो इनमें से ज्यादातर लोग अस्पताल में भर्ती ही नहीं हो पाते। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि इनके जीवन की बहुत बड़ी चिंता एनडीए सरकार की योजना से दूर हुई। और इन गरीबों का इलाज सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी हुआ है। आयुष्मान योजना से करोड़ों परिवारों को करीब सवा लाख करोड़ रुपए की बचत हुई है, ये सवा लाख करोड़ रूपया अगर सरकार ने देने की घोषणा की होती तो महीने भर हेडलाइन पर चर्चा चली रहती कि एक योजना से देश के नागरिकों के जेब में सवा लाख करोड़ रूपए बचे हैं।

70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों का मुफ्त इलाज :
चुनाव के समय मैंने आपको गारंटी दी थी कि 70 साल के ऊपर के जो बुजुर्ग हैं उन सबको भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाया जाएगा। मैंने अपनी ये गारंटी पूरी कर दी है। बिहार में भी 70 साल से ऊपर के जितने भी बुजुर्ग हैं, परिवार की कमाई कुछ भी हो, उनके लिए मुफ्त इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। बहुत जल्द सभी बुजुर्गों के पास आयुष्मान वय वंदना कार्ड होगा। आयुष्मान के साथ-साथ जन औषधि केंद्रों पर बहुत ही कम कीमत में दवाइयां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा बेहतर आरोग्य हमारा चौथा कदम है। इसमें छोटे शहरों में भी इलाज की बेहतरीन सुविधाएं पहुंचाना, डॉक्टरों की कमी को दूर करना आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि आजादी के 60 सालों तक देश में सिर्फ एक ही एम्स था और वो भी दिल्ली में। हर गंभीर बीमारी के लोग दिल्ली एम्स का रुख करते थे। कांग्रेस की सरकार के समय जो चार-पांच एम्स और बनाने की घोषणा हुई उनमें कभी ठीक से इलाज ही शुरू नहीं हो पाया। हमारी सरकार ने अस्पतालों की इन बीमारियों को भी दूर किया और देश के कोने-कोने में नए एम्स भी बनाएं। आज देशभर में करीब दो दर्जन एम्स हैं। बीते 10 सालों में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी करीब- करीब दोगुनी हुई है, इससे इलाज की सुविधा तो मिली है, बड़ी संख्या में हमारे युवा डॉक्टर भी बने हैं। दरभंगा एम्स से भी हर वर्ष बिहार के अनेक युवा डॉक्टर बनकर सेवा के लिए निकलेंगे।

हिंदी में पढ़कर बनेंगे डॉक्टर व इंजीनियर :
उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण काम हुआ है, पहले डॉक्टर बनना हो तो अंग्रेजी आना जरूरी था। अब मध्यम वर्ग गरीब परिवार के बच्चे अंग्रेजी में पढ़ाई कहां करेंगे, इतना पैसा कहां से लाएंगे और इसलिए हमारी सरकार ने तय किया अब डॉक्टरी पढ़ना है या इंजीनियरिंग पढ़ना है, वो अपनी मातृभाषा में डॉक्टर बन सकता है, अपनी मातृभाषा में पढ़कर के इंजीनियर बन सकता है। और एक प्रकार से मेरा ये काम कर्पूरी ठाकुर जी को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि हैं, वो यही सपना हमेशा देखते थे। उस काम को हमने किया है। पिछले 10 साल में हमने मेडिकल की एक लाख नई सीटें जोड़ी हैं। हम आने वाले 5 साल में देश में मेडिकल की 75,000 नई सीटें जोड़ने वाले हैं। हमारी सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है, जिसका बिहार के युवाओं को भी बड़ा फायदा होगा। हम हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में भी मेडिकल की पढ़ाई का विकल्प दे रहे हैं। मकसद यही है कि गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवार की संतान भी डॉक्टर बन सके।

बिहार में बनेगा आंख का बड़ा अस्पताल :
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने कैंसर से लड़ाई का भी एक बड़ा अभियान छेड़ा है। मुजफ्फरपुर में जो कैंसर अस्पताल बन रहा है इससे बिहार के कैंसर मरीजों को बहुत लाभ होगा। इस अस्पताल में एक ही छत के नीचे कैंसर के इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। अब तक जिन मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई जाना पड़ता है उन्हें यहीं पर बेहतर इलाज मिल सकेगा। और मुझे खुशी है कि बिहार को आने वाले समय में आंख का भी एक बड़ा अस्पताल मिलने जा रहा है। अभी हमारे मंगल जी बता रहे थे कुछ दिन पहले जब मैं काशी में था तो वहां कांची कामकोटि के शंकराचार्य जी के आशीर्वाद से बहुत बड़ा आंख का अस्पताल बना है। मेरे यहां जब मैं गुजरात में था तो पहले मेरे गुजरात में बना था, तो मुझे लगा जो अस्पताल मेरे गुजरात में मैंने देखा बना, जो मैं काशी का एमपी बना वहां हुआ, उसकी सेवाएं भी उत्तम है…तो मैंने उनसे प्रार्थना की आंखों का ऐसा ही एक अस्पताल मुझे मेरे बिहार में चाहिए। और उन्होंने मेरे इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और अभी मुझे मुख्यमंत्री जी बता रहे थे कि उसकी प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है तो एक अच्छा आंख के लिए अच्छा अस्पताल मिलेगा। आंख का ये नया अस्पताल भी इस क्षेत्र के लोगों की बहुत बड़ी मदद करेगा।

सुशासन बाबू के नेतृत्व में मिली बिहार को जंगल राज से मुक्ति :
उन्होंने कहा कि नीतीश बाबू के नेतृत्व में बिहार ने सुशासन का जो मॉडल विकसित करके दिखाया वो अद्भुत है। बिहार को जंगल राज से मुक्ति दिलाने में उनकी भूमिका उसकी जितनी सराहना की जाए वह काम है। एनडीए की डबल इंजन की सरकार बिहार में विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार का तेज विकास, यहां का बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और यहां के छोटे किसानों, छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देने से ही संभव होने वाला है। एनडीए सरकार इसी रोड मैप पर काम कर रही हैं। आज बिहार की पहचान यहां बनने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण, एयरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे से मजबूत हो रही है। दरभंगा में उड़ान योजना के तहत एयरपोर्ट शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों तक सीधी उड़ान की सुविधा मिलने लगी है। बहुत जल्द यहां से रांची के लिए भी उड़ान शुरू हो जाएगी। साढ़े पांच हजार करोड़ रुपए के लागत से तैयार होने वाले आमस दरभंगा एक्सप्रेस वे पर भी काम चल रहा है। आज 3,400 करोड़ रुपए की लागत से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के काम का शिलान्यास भी हुआ है। और घर में जैसे नल से जल आता है ना, वैसे ही नल से गैस आना शुरू हो जाएगा और वो सस्ता भी होगा। विकास का ये महायज्ञ बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहा है। इससे यहां पर बड़ी संख्या में रोजगार के भी अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट स्कीम पर हो रहा काम :
पीएम ने दरभंगा के बारे में चर्चित लोकोक्ति को साझा करते हुए कहा कि पग-पग पोखरी माच मखान, मधुर बोल मुस्की मुख पान। इस क्षेत्र के किसानों, मखाना उत्पादकों और मछली पालकों का हित भी हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत बिहार के किसानों को 25,000 करोड़ रुपए से ज्यादा मिले हैं। मिथिला के किसानों को भी इस योजना का फायदा मिला है। हमारी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट स्कीम से यहां के मखाना उत्पादकों की पहुंच देश दुनिया के बाजारों तक हो रही है। मखाना उत्पादकों के हितों को ध्यान में रखते हुए मखाना अनुसंधान केंद्र को राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा दिया गया है। मखाना को जीआई टैग भी मिला है। इसी तरह मत्स्य संपदा योजना के तहत अपने मछली पालक साथियों को हम हर स्तर पर मदद कर रहे हैं। मछली उत्पादकों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिलने लगा है। यहां जो मीठे पानी की मछली है उसका भी बहुत बड़ा बाजार है पीएम मत्स्य संपदा योजना से भी उन्हें बहुत मदद मिल रही है। भारत को हम विश्व के एक बड़े मछली निर्यातक देश के रूप में विकसित कर रहे हैं। इसका भी बहुत लाभ दरभंगा के मछली पालकों को मिलना तय है।

कोसी और मिथिला को बाढ़ से मिलेगी निजात :
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोसी और मिथिला को बाढ़ से जो परेशानी होती है, उसको दूर करने के लिए भी हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं। इस वर्ष के बजट में हमने बिहार की बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए एक विस्तृत प्लान घोषित किया है। मुझे विश्वास है नेपाल के साथ मिलकर हम इस समस्या को हल कर पाएंगे। इससे जुड़े 11,000 करोड़ रूपए से अधिक के प्रोजेक्ट पर भी हमारी सरकार काम कर रही है।
विरासत को संजोने का हो रहा प्रयास :
उन्होंने कहा कि हमारा बिहार भारत की विरासत का बहुत बड़ा केंद्र है। इस विरासत को संजोना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए एनडीए सरकार विकास भी और विरासत भी के मंत्र पर चल रही है। आज नालंदा विश्वविद्यालय फिर से अपना पुराना गौरव पाने की तरफ आगे बढ़ रहा है। विविधताओं से भरे हमारे देश में अलग-अलग भाषाएं भी हमारी बहुत अनमोल विरासत है। इन्हें बोलना जरूरी है, इन्हें बचाना भी जरूरी है। हाल में ही हमने पाली भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है। इस भाषा में भगवान बुद्ध के संदेश और बिहार के प्राचीन गौरव का विस्तृत वर्णन है। इसकी जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, और मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा ये एनडीए सरकार ही है जिसने मैथिली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया था। झारखंड में भी मैथिली को द्वितीय राज्य भाषा का दर्जा प्रदान किया गया है।

रामायण सर्किट से जोड़े जा रहे हैं कई शहर :
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे सांस्कृतिक समृद्धि के दर्शन यहां दरभंगा में मिथिलांचल में कदम-कदम पर होते हैं। माता सीता के संस्कार इस धरती को समृद्ध करते हैं। एनडीए सरकार देश भर के एक दर्जन से अधिक शहरों को रामायण सर्किट से जोड़ रही है, इसमें दरभंगा भी शामिल है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बल मिलेगा। दरभंगा, सीतामढ़ी, अयोध्या रोड पर अमृत भारत ट्रेन से भी लोगों को बहुत मदद मिली है। उन्होंने कहा कि आज मैं दरभंगा स्टेट के महाराजा कामेश्वर सिंह जी के योगदान को भी याद कर रहा हूं। आजादी के पहले और बाद में भारत के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मेरे संसदीय क्षेत्र काशी में भी उनके कार्यों के बहुत चर्चा होती है। महाराजा कामेश्वर सिंह के समाज कार्य दरभंगा का गौरव है, हम सभी के लिए प्रेरणा है।
(साभार : PIB DELHI)











