
मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।
महिला सिपाही सुसाइड मामले की जांच में जुटी एसआइटी दस दिन बाद भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है. इस मामले में पुलिस के हाथ अभी भी खाली ही है. एसआइटी इस घटना के पीछे के ठोस कारणों को आज तक ढूंढ नहीं पायी है. जबकि एसपी विनय तिवारी ने एसआइटी को सात दिनों में घटना से जुड़ी सभी बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था.

एसआइटी में दरभंगा सदर डीएसपी अमित कुमार एवं समस्तीपुर सदर डीएसपी संजय कुमार पांडेय के साथ 7 तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया था. जिनके भरोसे एसपी ने सात दिनों के अंदर घटना का खुलासा कर लेने का दावा भी किया था, लेकिन दस दिन बाद भी ऐसा कुछ हो नहीं पाया. इतना ही नहीं मृत महिला सिपाही का मोबाइल फोन भी एसआईटी जब्त नहीं कर पायी है. पुलिस के गलियारों में चर्चा है कि उस मोबाइल फोन में घटना से सम्बंधित कई राज छुपे हुए हैं. जिस वजह से उसके मोबाइल को जांच टीम को नहीं सौंपा जा रहा है.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि मृत महिला सिपाही अर्चना के पति सुमन (सिपाही) ने घटनास्थल से मोबाइल उठा लिया था. जिसे आजतक पुलिस को नहीं सौंपा गया. आशंका जताई जा रही है कि मृत महिला सिपाही के उस मोबाइल फोन से कई राज खुल सकते हैं. जिससे पर्दा उठना पुलिस महकमे के साथ साथ उसके परिवार को भी नागवार गुजरेगा. अब देखना है कि समस्तीपुर के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक इस घटना के पीछे छिपी सच्चाई को किस तरह से सामने लाते हैं.

सुसाइड नोट के हैंडराइटिंग की भी होगी जांच :
इवीआर 112 के कंट्रोल रूम में कार्यरत महिला सिपाही अर्चना कुमारी ने अपने कार्यालय में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. उस कमरे से दो पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था. जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसने मरने से पहले सुसाइड नोट लिखा था. रखा था. उसमें पुलिस केंद्र के तत्कालीन सार्जेंट मेजर एवं अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा सरकारी आवास को लेकर प्रताड़ित करने और पति को सस्पेंड करवा दिए जाने की बात लिखी गयी थी. इस सुसाइड नोट ने पूरे महकमे को हिला कर रख दिया था. एसपी ने इस सुसाइड नोट के हैंडराइटिंग की जांच एक्सपर्ट से करवाने की बात कही थी.

जांच के घेरे में हैं कई अधिकारी :
सुसाइड नोट एवं मृत सिपाही की मां द्वारा दिये गए शिकायती आवेदन में सार्जेंट मेजर सहित कई पुलिस अधिकारी को इस घटना का दोषी ठहराया गया है. जिसमें स्वंय पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं. जिस वजह से समस्तीपुर पुलिस के कई अधिकारी जांच के घेरे में आ गए हैं. वैसे पुलिस अधीक्षक ने इस घटना के बाद जांच प्रभावित न हो इस वजह से सार्जेंट मेजर नयन कुमार सहित पुलिस केंद्र के चार अन्य पुलिसकर्मियों का अलग-अलग जगहों पर स्थानांतरण भी कर दिया है.










