
मिथिला पब्लिक न्यूज, समस्तीपुर ।
सदर अस्पताल के एक डॉक्टर ने जहां अपने काम से राष्ट्रीय फलक पर समस्तीपुर को एक नई पहचान दिलायी है, वहीं दूसरे डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की लुटिया डुबोने पर तुले हुए हैं. जी हां हम बात कर रहे हैं उस नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ पवन कुमार की जिन्होंने जिले में सैकड़ों मरीजों के आंखों का सफल ऑपरेशन करके उन्हें एक नयी जिंदगी दी है. उन्होंने वर्ष 2022 में रिकॉर्ड 747 मरीजों के आंखों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया. इसके बाद 2023 में भी उन्होंने जनवरी से मई माह तक पांच महीने में 379 मरीजों का ऑपरेशन किया.

इस क्रम में सरकार के द्वारा चलाये गये नेत्र ज्योति अभियान में सबसे ज्यादा मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के मामले में पूरे राज्य भर में उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया. इसके लिए उन्हें सरकार के तरफ से सम्मानित भी किया गया था. जिसके बाद उन्हें ग्लूकोमा एवं फेको सर्जरी की तीन महीने की विशेष ट्रेनिंग के लिए तमिलनाडु के मदुरै भेजा गया है. इस ट्रेनिंग में पूरे भारतवर्ष से सरकारी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भाग ले रहे हैं. जिसमें बिहार से मात्र दो चिकित्सक का ही चयन किया गया था. जिसमें पटना की एक महिला चिकित्सक के साथ समस्तीपुर के डॉ पवन कुमार भी शामिल हैं.

उनके ट्रेनिंग में जाने से पूर्व विभाग ने एक नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ एफ आलम की सदर अस्पताल में पोस्टिंग की. लेकिन पोस्टिंग के बाद उन्होंने ड्यूटी के प्रति संजीदगी नहीं दिखाई. वे सप्ताह में मात्र एक दिन ही ओपीडी में बैठते हैं. उसी दिन मरीज को देखते हैं साथ ही दिव्यांगता जांच भी करते हैं. जिस वजह से आंख के मरीजों का इलाज भी नहीं हो पाता है. इस कारण से पिछले चार महीने में सदर अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन का ग्राफ भी काफी नीचे गिर गया है.

4 माह में मात्र 58 मरीजों का हुआ ऑपरेशन :
जून 2023 से सितंबर माह तक मात्र 58 मरीजों का ही ऑपरेशन किया जा सका है. जिसमें जून माह में 09, जुलाई माह में 31, अगस्त माह में 11 एवं सितंबर माह में अबतक मात्र 07 मरीज का ही ऑपरेशन किया गया है. जबकि इससे पूर्व वर्ष 2022 के शुरुआती पांच महीनों में डॉ पवन के द्वारा 379 मरीजों का ऑपरेशन किया गया था. जिसमें जनवरी माह में 131, फरवरी माह में 134, मार्च माह में 60, अप्रैल माह में 25 एवं मई महीने में 29 मरीजों के आंखों का ऑपरेशन किया गया था. ऐसा भी नहीं कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन में आ रही गिरावट से विभागीय अधिकारी अनभिज्ञ हैं. बल्कि सदर अस्पताल प्रशासन सबकुछ जानते हुए भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है.

वर्ष 2022 में हुए ऑपरेशन एक नजर में :
जनवरी 2022 : 55
फरवरी 2022 : 45
मार्च 2022 : 114
अप्रैल 2022 : 57
मई 2022 : 42
जून 2022 : 04
जुलाई 2022 : 46
अगस्त 2022 : 55
सितंबर 2022 : 74
अक्टूबर 2022 : 39
नवंबर 2022 : 97
दिसंबर 2022 : 119

वर्ष 2023 में हुए ऑपरेशन एक नजर में :
जनवरी 2023 : 131
फरवरी 2023 : 134
मार्च 2023 : 60
अप्रैल 2023 : 25
मई 2023 : 29
जून 2023 : 09
जुलाई 2023 : 31
अगस्त 2023 : 11
सितंबर 2023 : 07










