
मिथिला पब्लिक न्यूज, ब्यूरो रिपोर्ट ।
समस्तीपुर शहर के अंबेडकरनगर मोहल्ला में चाचा-चाची से हुई मारपीट से नाराज दो बहनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने प्रयास किया. इस घटना में छोटी बहन की मौत हो गयी, जबकि बड़ी बहन को स्थानीय लोगों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है. जहां वो खतरे से पूरी तरह बाहर बतायी जा रही है. घटना शुक्रवार दोपहर की बतायी जा रही है.

सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस लाश को जब्तकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है. दोनों लड़की अंबेडकरनगर वार्ड संख्या 22 के राजू प्रसाद केसरी की पुत्री क्रमशः शालू कुमारी (20) एवं खुशी कुमारी (18) बतायी जाती है. खुशी की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी है. वैसे घटना के मूल कारणों को लेकर लोगों में तरह तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं. जिस लोहे के छड़ के सहारे फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वह भी काफी कमजोर और लचीला है. जिस वजह से फांसी लगाने की बात लोगों को पच नहीं रही है. वहीं बड़ी बहन के द्वारा बार-बार बयान बदलना भी सवाल खड़ा कर रहा है.

यह भी कहा जा रहा है कि अक्सर उसके यहां संदिग्ध लोगों का आना जाना लगा रहता था. जिस कारण से अक्सर विवाद भी होता रहता था. फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है. सच्चाई क्या है यह पुलिसिया जांच पूरा होने के बाद ही पूरी तरह से सामने आयेगी. उधर, घटना की सूचना पर मृतका की सबसे बड़ी बहन सोनल अपने ससुराल से घटनास्थल पर पहुंच गयी थी. उसने हत्या की आशंका जताते हुए पिता के पहुंचने तक पुलिस को लाश उठाने से मना कर दिया है. जिस वजह से समाचार प्रेषण तक पुलिस लाश को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेज पायी थी.

स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार की सुबह उन लड़कियों के पिता राजू केसरी शुक्रवार की सुबह ही दिल्ली में रह रही पत्नी (मृतका की मां) से मिलने के लिए गया था. दोपहर में किसी बात को लेकर उसके चाचा गौड़ी केसरी की बेटी से दोनों में विवाद हुआ. जिसकी सूचना पर चाचा और चाची से दोनों बहनों का काफी झगड़ा हुआ. इस दौरान चाचा-चाची ने दोनों बहनों के साथ मारपीट भी की. बताया जाता है कि इस घटना के बाद दोनों बहनें अपने घर में चली गयी और चाचा चाची भी अपने दुकान पर चले गए.

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ देर के बाद अचानक घर में हल्ला हुआ कि दोनों ने फांसी लगा ली है. कुछ स्थानीय युवक दौड़ कर उसके घर में गये तो देखा कि छोटी बहन फांसी पर लटकी हुई थी और बड़ी बहन वहीं बेहोश पड़ी थी. बताया जाता है कि उन युवकों ने आनन फानन में छोटी बहन को फंदा खोलकर उतारा, लेकिन उसकी तबतक मौत हो चुकी थी. इसके बाद लोगों ने बड़ी बहन को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे होश आ गया.

शुरुआती समय में बड़ी बहन ने सदर अस्पताल में मीडियाकर्मियों को बताया कि चाचा अक्सर झगड़ा करते हैं और गंदा-गंदा गाली देते रहते हैं इसलिए गुस्सा में आकर हम दोनों बहनों ने फांसी लगा ली. हालांकि बाद में उसने पुलिस के समक्ष बयान दिया कि उसके घर में सीढ़ी के पास ही बाथरूम है. जिसमें शुक्रवार की दोपहर उसकी छोटी बहन नहा रही थी. इसी दौरान चाचा आ गये, जिसपर उसकी बहन से चाचा की कहासुनी हो गयी. हल्ला सुनकर उसकी चाची भी आ गयी, और दोनों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. मारपीट के कारण वह बेहोश हो गयी. जब होश आया तो वह अस्पताल में थी. उसकी छोटी बहन के साथ उनलोगों ने बहुत मारपीट की थी. उधर, घटना को लेकर नगर थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य ने कहा कि पुलिस घटना की बारीकी से जांच कर रही है. लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है. जल्द ही घटना के कारणों का पता लगा लिया जायेगा.










