सड़कों पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा, भाड़े पर है फुटपाथ

मिथिला पब्लिक न्यूज, ब्यूरो रिपोर्ट ।

डीएम साहब! जिला मुख्यालय में ट्रैफिक व्यवस्था पर काफी हद तक पुलिस ने अच्छा काम किया है. लेकिन सिर्फ वन वे और लेन ड्राइविंग से काम नहीं चलेगा, थोड़ा आपको भी अतिक्रमण पर ध्यान देना होगा. क्योंकि शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था बढ़िया होने के बाद से सड़क एवं उसके फुटपाथ पर अतिक्रमणकारियों ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है. इसके पीछे आपके अपने ही नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन के कुछ कर्मी हैं. जिनके सह पर फुटपाथ को भाड़े पर लगा दिया गया है. शहर में पैदल चलना भी दुश्वार है.

चाहे वह मथुरापुरघाट पुल हो, ताजपुर रोड हो, मोहनपुर रोड हो, काशीपुर कचहरी रोड हो या शहर का स्टेशन रोड हो सब जगह अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है. मथुरापुरघाट पर ई रिक्शा चालकों का अवैध स्टैंड है, मगरदहीघाट पुल के फुटपाथ पर फल-फूल विक्रेताओं का कब्जा है, और स्टेशन रोड में दुकानदारों ने सड़क पर ही अपनी दुकानें सजा ली हैं. जिससे वाहनों की आवाजाही को छोड़िए पैदल चलने वाले राहगीरों को भी परेशानी होती है. कहने को तो स्टेशन रोड एवं मुख्य बाजार की सभी सड़कें वन वे है इसके बावजूद बाजार में दिन भर जाम लगा रहता है.  जिला मुख्यालय में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में जिस तरह से पुलिस अपनी संजीदगी दिखा रही है अगर जिला प्रशासन और नगर निगम इस ओर ध्यान दे तो शहर का कायाकल्प हो जायेगा.

बूढ़ी गंडक नदी पुल अवैध उगाही का जरिया :
यहां बता दें कि मगरदहीघाट स्थित बूढ़ी गंडक नदी पर बने पुल के फुटपाथ पर अतिक्रमणकारियों ( फल विक्रेताओं ) ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है. पुल पर पैदल चलने वाले के लिए कोई जगह नहीं बचा है. इस कारण पुल पर हमेशा जाम की स्थिति और पैदल चलने वालों को किसी वाहन की ठोकर से चोटिल होने की आशंका बनी रहती है. सूत्रों की मानें तो यह अवैध उगाही का जरिया बना हुआ है. इन अतिक्रमणकारियों को स्थानीय पुलिस एवं नगर प्रशासन का सह प्राप्त है.

बीच सड़क पर सजती हैं दुकानें :
शहर की मुख्य सड़कें फल और सब्जी मंडी में तब्दील हो गयी हैं. अतिक्रमणकारी दुकानदार एवं ई रिक्शा चालक खुलेआम कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं. जिसका नतीजा है कि अतिक्रमणकारियों के हौंसले दिन ब दिन बुलंद होते जा रहे हैं. आलम तो यह है कि पुल के दोनों ओर फुटपाथ पर फुटपाथी दुकानें सज गयी हैं.

स्टेशन रोड में काली पीठ से लेकर स्टेशन चौक तक, मथुरापुर घाट से लेकर गणेश चौक तक, गणेश चौक से रामबाबू चौक, आर्य समाज रोड से गोला रोड में बहादुरपुर दुर्गा स्थान तक, मारवाड़ी बाजार, थानेश्वर मंदिर, ताजपुर रोड, काशीपुर चौक आदि जगहों पर बीच सड़क पर सजी दुकानों के कारण हमेशा जाम लगा रहता है. जिससे आमलोगों को आवाजाही में परेशानी होती है.

जर्जर पुल पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा :
अंग्रेज जमाने में बना बूढ़ी गंडक नदी पर लोहे का यह पुल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. 14 वर्ष पूर्व ही जिला प्रशासन ने कंडम घोषित करते हुए इस पर आवागमन पर रोक लगा दी थी. इसके बावजूद पैदल यात्री एवं बाइक सवार भीड़ भाड़ की स्थिति में इस पुल से गुजरते हैं. लेकिन अब इस पूरे पुल पर दर्जनों फुटपाथी दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल रखीं हैं. जिस वजह से पुल पर हमेशा भीड़ की स्थिति बनी रहती है. जो कभी भी बड़ी घटना का सबब बन सकता है.

भाड़े पर लगा दिया गया है फुटपाथ :
सड़क के दोनों ओर जल निकासी के लिए नाला निर्माण कराया गया था. उक्त नाले के ऊपर मजबूत स्लैब डालकर उसे पैदल चलने वालों के लिये फुटपाथ बनाया गया था. लेकिन उस फुटपाथ को भी भाड़े पर लगा दिया गया है. सड़क किनारे नाले के स्लैब पर दुकान खोल रखे दुकानदारों से भाड़ा की वसूली की जाती है. जिसका परिणाम है कि अतिक्रमणकारियों का मनोबल दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है. आधी सड़क पर तो अतिक्रमण कारियों का कब्जा है. इसके बाद बचे कुछ हिस्सों में वाहनों की पार्किंग होती है. आमलोग अब बाजार में प्रवेश करने से भी डरने लगे हैं.

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