
मिथिला पब्लिक न्यूज़, ब्यूरो रिपोर्ट ।
महिला सिपाही सुसाइड मामले को जिस तरह से समस्तीपुर पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है, उससे साफ जाहिर हो रहा है कि ऐसा कुछ तो है जिसे पुलिस छिपा रही है. महिला सिपाही अर्चना ने वैसे तो आत्महत्या की थी, लेकिन इस कदम को उठाने के लिए मजबूर करने वाले कथित तौर पर उसके अपने ही विभाग के लोग थे. यही कारण है कि एक महीने बाद भी इस घटना के मूल कारणों का खुलासा नहीं किया जा सका है.

एसपी विनय तिवारी ने घटना के कुछ अनसुलझे पहलुओं को सुलझाने के लिए सात सदस्यीय एक एसआइटी का गठन किया था. जिसे सात दिनों में ही रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया था. लेकिन अब ऐसा लगता है कि यह एसआइटी बस दिखावे के लिए बनायी गयी थी. क्योंकि मृत सिपाही के सुसाइड नोट एवं उसकी मां के शिकायत से कई अधिकारी शंका के घेरे में आ गए थे.

यहां बता दें कि जांच में जुटी एसआइटी एक महीने बाद भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है. इस मामले में पुलिस के हाथ अभी भी खाली है या एसआइटी इस घटना के पीछे के ठोस कारणों को आज तक ढूंढ नहीं पायी है. जबकि एसआइटी में दरभंगा सदर डीएसपी अमित कुमार एवं समस्तीपुर सदर डीएसपी संजय कुमार पांडेय के साथ 7 तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया था. जिनके भरोसे एसपी ने सात दिनों के अंदर घटना का खुलासा कर लेने का दावा भी किया था, लेकिन एक महीने बाद भी ऐसा कुछ नहीं हो पाया है. अब देखना है कि समस्तीपुर पुलिस इस घटना के पीछे छिपी सच्चाई को किस तरह से सामने ला पाती है.

पति ने नहीं सौंपा मृत सिपाही का मोबाइल :
बताया जाता है कि मृत महिला सिपाही अर्चना के पति सिपाही सुमन कुमार ने आजतक पत्नी का मोबाइल पुलिस की जांच टीम को नहीं सौंपा है. पुलिस इस मोबाइल को पाने के लिए कोर्ट के शरण में जा चुकी है. मृत महिला के परिजनों को नोटिस भी भेजा जा रहा है. चर्चा है कि उस मोबाइल फोन में घटना से सम्बंधित कई राज छुपे हुए हैं. जिस वजह से उसके मोबाइल को जांच टीम को नहीं सौंपा जा रहा है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि मृत महिला सिपाही अर्चना के पति सुमन (सिपाही) ने घटनास्थल से मोबाइल उठा लिया था. आशंका जताई जा रही है कि मृत महिला सिपाही के उस मोबाइल फोन से कई राज खुल सकते हैं. जिससे पर्दा उठना पुलिस महकमे के साथ साथ उसके परिवार को भी नागवार गुजरेगा.

घटना से हिल गया था पुलिस महकमा :
समस्तीपुर इवीआर 112 के कंट्रोल रूम में कार्यरत महिला सिपाही अर्चना कुमारी ने 13 सितंबर की शाम अपने कार्यालय में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. उस कमरे से दो पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था. जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसने मरने से पहले सुसाइड नोट लिखा था. रखा था. उसमें पुलिस केंद्र के तत्कालीन सार्जेंट मेजर एवं अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा सरकारी आवास को लेकर प्रताड़ित करने और पति को सस्पेंड करवा दिए जाने की बात लिखी गयी थी. इस सुसाइड नोट ने पूरे महकमे को हिला कर रख दिया था.

सुसाइड नोट एवं मृत सिपाही की मां द्वारा दिये गए शिकायती आवेदन में सार्जेंट मेजर सहित कई पुलिस अधिकारी को इस घटना का दोषी ठहराया गया था. जिस वजह से समस्तीपुर पुलिस के कई अधिकारी जांच के घेरे में आ गए थे. जिसमें स्वंय पुलिस अधीक्षक भी शामिल थे. घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने सार्जेंट मेजर नयन कुमार सहित पुलिस केंद्र के चार अन्य पुलिसकर्मियों का अलग-अलग जगहों पर स्थानांतरण भी कर दिया था.

क्या कहते हैं अधिकारी :
घटना से जुड़ी हरेक बिंदुओं पर जांच की जा रही है. मृतका की मोबाइल परिजनों ने अभी तक उपलब्ध नहीं करायी है. मोबाइल उपलब्ध कराने एवं उनके माता-पिता को अपना पक्ष रखने के लिये कोर्ट नोटिस की नोटिस भेजी गयी है. जल्द ही जांच एवं उससे संबंधित कार्रवाई पूरी कर ली जायेगी.
संजय कुमार पांडेय, सदर डीएसपी, समस्तीपुर











