विश्व एनेस्थीसिया दिवस : सर्जरी दिल की हो या दिमाग की एनेस्थीसिया के बिना संभव नहीं

मिथिला पब्लिक न्यूज़, ब्यूरो रिपोर्ट ।

विश्व एनेस्थेसिया दिवस के अवसर पर  विभिन्न अस्पतालों में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कई अस्पतालों में डॉक्टर्स एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने इस दिन को केक काटकर सेलिब्रेट किया. इस दौरान मोहनपुर रोड स्थित कमला इमरजेंसी हॉस्पीटल में भी विश्व एनेस्थीसिया दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया. जहां चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कमला इमरजेंसी हॉस्पीटल के चेयरमैन एवं शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ राजेश कुमार एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी. 

यहां बता दें कि कमला इमरजेंसी हॉस्पीटल की टीम ने काफी कम समय में अपने उत्कृष्ठ कार्य के बदौलत एक अलग पहचान बनायी है. आइसीयू एवं आकस्मिक सेवा को जिले में स्थापित कर इस टीम ने हजारों लोगों की जान भी बचायी है. जिले के मरीजों के लिए यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है. इस अस्पताल ने पिछले मात्र पांच वर्षों में ही एक हजार से अधिक गम्भीर मरीजों को वेंटिलेटर से सफलतापूर्वक वापस लाकर उन्हें नया जीवन दिया है. आज कई मरीज खुशहाल जीवन जी रहे हैं.

डॉ राजेश कुमार बताते हैं कि विश्व एनेस्थीसिया दिवस हर साल 16 अक्टूबर को मनाया जाता है. खासकर सर्जरी में एनेस्थीसिया का विशेष महत्व है. सर्जरी में जितनी एक सर्जन उतनी ही एक एनेस्थेसिस्ट की भूमिका रहती है.

सर्जरी छोटी हो या बड़ी, बिना एनेस्थेसिस्ट के यह सम्भव नहीं है. इससे पहले सर्जरी करना आसान नहीं होता था. मरीज को ऑपरेशन के बाद होश में आने में कई घंटे लग जाते थे. लेकिन अब मरीज को सर्जरी के कुछ देर बाद ही होश आ जाता है. एनेस्थीसिया से चिकित्सा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुआ है. इस उपलक्ष्य पर विश्व एनेस्थीसिया दिवस मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सर्जरी में एनेस्थीसिया के महत्पूर्ण योगदान, उपलब्धि और एनेस्थीसिया की जरूरतों के प्रति जागरुक करना है.

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