

मिथिला पब्लिक न्यूज़, डेस्क ।
साहब! चार घंटे में तीन-तीन व्यवसायियों की हत्या, क्या? यही है आपकी बेहतर पुलिसिंग. वर्तमान हालात को देखकर तो ऐसा लगता है कि सिर्फ सोशल मीडिया पर ही आपकी पुलिस मुस्तैद है, धरातल पर तो बस अपराधियों का राज है. तभी तो बदमाश जिले में बेखौफ होकर व्यवसायियों को लूटकर उनकी हत्या कर रहे हैं.

हां आप भले ही घटनाओं के बाद कुछ बदमाशों को पकड़ कर जेल भेजने में सफल हो रहे हों, लेकिन सच्चाई यही है कि आपकी पुलिस अपराधियों पर नकेल नहीं कस पा रही है. जिसका नतीजा है कि जिले में सरेआम हत्याएं हो रही हैं. हो भी क्यों नहीं आपके थानाध्यक्ष एवं डीएसपी को और भी बहुत काम है, सिर्फ लिखित शिकायत पर वो एक्शन में आते नहीं. एक्शन में तब आते हैं जब शिकायत लेकर पहुंचने वालों की हत्या कर दी जाती है.

यह सिर्फ कहने वाली बात नहीं इसकी जानकारी आपको भी है. बुधवार की रात रोसड़ा में हुई किराना व्यवसायी बंधु की हत्या पुलिस की अनदेखी और लापरवाही का ही एक जीता जागता नमूना माना जा रहा है. कहा जाता है कि मृत व्यवसायी के साथ पिछले दो वर्षों में चार बार लूटपाट, चोरी व जानलेवा हमला हुआ था. जिसकी शिकायत भी उसने दर्ज करायी थी. लेकिन पुलिस ने घटना को अंजाम देने वालों को चिन्हित करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.

मृत व्यवसायी बन्धु के परिजनों की मानें तो इसी का नतीजा है कि आज उनके घर से एक साथ दो-दो जवान बेटों की अर्थी उठी है. जिले में अपराधियों का हौसला इतना बढ़ा हुआ है कि वे कमर में पिस्टल खोंसकर सरेआम घूम रहे हैं. छोटी-छोटी बात पर किसी को गोली मार देते हैं और पुलिस को घटना की जानकारी तक नहीं मिलती है. मिले भी तो कैसे संध्या गश्ती के नाम पर पुलिस कर्मी बाजार में सब्जी खरीदने और मार्केटिंग करने के लिए निकलते हैं. पुलिस गश्ती टीम को देखकर तो ऐसा लगता है उन्हें अपराधियों की शिनाख्त एवं उन्हें पकड़ने से कोई मतलब ही नहीं है.

बताया जाता है कि दलसिंहसराय के मधेयपुर में पोल्ट्री फार्म व्यवसायी जीवछ सिंह की बुधवार की शाम गोली मारकर हत्या बदमाशों ने मात्र इसलिए कर दिया क्योंकि उसने मीट देने से मना कर दिया था. इस घटना के मात्र तीन घंटे बाद रोसड़ा में बदमाशों ने लूटपाट के दरम्यान पांचूपुर चोरवा पोखर के समीप बदमाशों ने दो सहोदर भाइयों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. दोनों भाई बुधवार की रात रोसड़ा स्थित अपने किराना दुकान को बंद कर वापस घर लौट रहे थे. दोनों रोसड़ा थाना क्षेत्र के पवड़ा निवासी मणिकांत चौधरी के पुत्र सुमित चौधरी और अजित चौधरी थे. राहगीरों ने सड़क पर लहूलुहान अवस्था में पड़े दोनों भाई को देख पुलिस एवं स्थानीय लोगों को सूचना दी थी.

परिजनों का कहना है कि पिछले दो सालों में सुमित पर कई बार हमला किया गया था. जिसमें एक बार जानलेवा हमला और एक बार लूटपाट भी की गयी थी. जिसकी स्थानीय थाना में शिकायत भी दर्ज करायी गयी थी. एक बार उसके गोदाम से लाखों की चोरी भी हो गयी थी. लेकिन उन मामलों में पुलिस ने किसी तरह की कर्रवाई नहीं की. जबकि सुमित इसको लेकर कई बार रोसड़ा थानाध्यक्ष एवं डीएसपी से भी मुलाकात की थी. एक बार तो डीएसपी ने उसे यहां तक कह दिया था कि हमलोगों को और भी काम है, सिर्फ चोरों का ही पता लगाते रहें. बताया जाता है कि इसकी शिकायत सुमित ने एसपी से भी की थी. परिजनों का कहना है कि पूर्व में हुई घटना पर अगर पुलिस प्रशासन द्वारा तत्परता दिखायी गयी होती तो शायद आज दो-दो जवान बेटों की अर्थी नहीं उठानी पड़ती.












