रोसड़ा डबल मर्डर का खुलासा : गोली लगने के बावजूद अपराधियों से भिड़ गए थे दोनों भाई

मिथिला पब्लिक न्यूज़, समस्तीपुर ।

समस्तीपुर पुलिस ने रोसड़ा के चर्चित किराना व्यवसायी डबल मर्डर केस का खुलासा कर लिया है. इस हत्याकांड को एक लोकल लाइनर की मदद से बेगूसराय के बदमाशों ने लूटपाट के दौरान ही अंजाम दिया था. घटना में शामिल दो बदमाशों को पुलिस ने बेगूसराय से गिरफ्तार कर लिया है. जिसमें एक अपराधी गंभीर रूप से जख्मी बताया जाता है. उसे गोली लगी हुई है.

पुलिस सूत्रों की मानें तो पकड़े गये अपराधियों ने घटना में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार कर ली है. बदमाशों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया है कि लूटपाट के दौरान व्यवसायी बंधुओं ने काफी देर तक तक उनका (अपराधियों) का डट कर सामना किया था. दोनों भाइयों (सुमित और अमित) ने लूटपाट कर रहे दो बदमाशों को पकड़ भी लिया था. गोली लगने से जख्मी होने के बावजूद वे बदमाशों के साथ हाथापाई करते रहे.

बताया जाता है कि एक भाई ने रोहित नाम के बदमाश का पिस्टल वाला हाथ कसकर पकड़ रखा था. जिस वजह से गुत्थमगुत्था के दौरान रोहित नामक उस बदमाश को उसके ही पिस्टल से गोली लग गयी थी. अपने एक साथी के घायल होने और दूसरे को छुड़ाने के लिए तीसरे बदमाश ने दोनों व्यवसायी भाइयों को गोली मार दिया. गोली लगने के बाद भी अंतिम क्षण तक दोनों भाई बदमाशों का सामना करते रहे. उनके गिड़ने के बाद ही अपराधी रूपये वाले बैग को छीन पाये थे. इसके बाद बदमाश अपने जख्मी साथी को बाइक पर ही लाद कर भाग निकले थे.


शनिवार को एसपी विनय तिवारी ने घटनास्थल पर पहुंच कर इस लूट सह हत्याकांड का खुलासा करते हुए पूरे पूरे घटनाक्रम को सार्वजनिक किया. उन्होंने पुलिस पर भरोसा करने एवं अपराधियों की पहचान करने में महती भूमिका निभाने के लिए मृत व्यवसायी के परिजनों का भी आभार व्यक्त किया. एसपी ने शनिवार को घटनास्थल पर आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने कांड के त्वरित उदभेदन के लिए डीएसपी रोसड़ा शिवम कुमार एवं डीएसपी सदर संजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में दो एसआईटी का गठन किया था.

जांच के दौरान एसआइटी को घटनास्थल पर अपराधी की दो टोपी और एक माला मिली थी. इसके बाद मिले कुछ इनपुट की मदद से बेगूसराय के एक अपराधी मनीष कुमार उर्फ अनीश कुमार को चिन्हित किया गया. मनीष के गिरफ्तारी के बाद उसके साथियों का खुलासा हुआ. इसके बाद पुलिस टीम ने बेगूसराय के पार्थ हॉस्पीटल में इलाज करवा रहे जख्मी अपराधी रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया. जिसे घटना के दौरान पिस्तौल मुड़ जाने के कारण गोली लगी थी. पकड़े गए अपराधियों के पास से दो पिस्तौल, 5 जिंदा गोली एवं घटना में प्रयुक्त ब्लू रंग की अपाचे मोटरसाईकिल भी बरामद की गयी है. घटना के उद्भेदन में डीआईयू प्रभारी सह इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के साथ नगर थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य, विभूतिपुर थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल, रोसड़ा थानाध्यक्ष प्रसुन्नजय कुमार एवं डीआईयू के सबइंस्पेक्टर मुकेश कुमार व सिपाही अरविंद कुमार की अहम भूमिका रही.

18 अक्टूबर की रात हुई थी घटना :

बता दें कि पवड़ा गांव के किराना व्यवसायी सुमित कुमार चौधरी एवं उनके भाई अमित कुमार चौधरी की बदमाशों ने 18 अक्टूबर की रात पांचूपुर चोरवा पोखर के पास लूटपाट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी थी. दोनों भाई दुकान बंद करके अलग-अलग मोटरसाईकिल से अपने घर आ रहे थे. बताया जाता है कि इस घटना को रोसड़ा के दो लोकल बदमाशों की मदद से बेगुसराय के बदमाशों ने अंजाम दिया था. पुलिस की मानें तो इस घटना को अंजाम देने से पूर्व इन अपराधियों ने कई लूटकांडों को अंजाम देने का प्रयास किया था, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए थे. पुलिस के अनुसार मधुबनी में एक सोने की दुकान को भी अपराधियों ने चिन्हित किया था. जिसमें दशहरा के बाद लूट की प्लालिंग बनायी थी. घटना से एक दिन पूर्व 17 अक्टूबर को बेगूसराय के छोराही में सोना लूट का असफल प्रयास भी किया गया था. इसके बाद लोकल बदमाशों की मदद से किराना कारोबारी के साथ लूटपाट की. जिसमें विरोध करने पर व्यवसायियों को गोली मार दी थी.

पूर्व थानाध्यक्ष पर फूटा नाकामयाबियों का ठीकरा :

इस घटना के पीछे काफी हद तक पुलिस की नाकामयाबी ही परिलक्षित हो रही है. लोगों का कहना है कि पूर्व में हुई घटनाओं पर अगर पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखायी होती तो शायद आज सुमित और अमित दोनों भाई जिंदा होते. वैसे विभाग के वरीय अधिकारियों ने इस नाकामयाबियों का ठीकरा पूर्व थानाध्यक्ष पर फोड़ दिया है. बताया जाता है कि पूर्व में हुई घटनाओं पर समुचित कार्रवाई नहीं करने को लेकर एसपी विनय तिवारी ने पूर्व थानाध्यक्ष रामाशीष कामती को निलंबित कर दिया है.

यहां बता दें कि पिछले दो सालों में किराना व्यवसायी सुमित पर अपराधियों ने कई बार हमला किया गया था. जिसमें एक बार जानलेवा हमला और एक बार लूटपाट भी की गयी थी. जिसकी शिकायत रोसड़ा थाना में दर्ज करायी गयी थी. एक बार उसके गोदाम से लाखों रुपये के सामान की चोरी भी हो गयी थी. लेकिन उन मामलों में पुलिस ने किसी तरह की कर्रवाई नहीं की थी. जबकि पुलिस ने अपराधियों को चिन्हित भी कर लिया था. सुमित इसको लेकर कई बार रोसड़ा थानाध्यक्ष एवं डीएसपी से मुलाकात भी की थी. एक बार तो  इसकी शिकायत सुमित ने वर्तमान एसपी से भी की थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया था.

Leave a Comment

Read More

error: Content is protected !!