
मिथिला पब्लिक न्यूज, कमलेश झा ।
संत पॉल टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज, बिरसिंहपुर में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका के सातवें संस्करण का विमोचन समारोह भव्य तरीके से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य एवं अकादमिक जगत से जुड़े कई विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। समारोह का उद्देश्य प्रशिक्षुओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा शैक्षिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रोली द्विवेदी ने अतिथियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के शिक्षा विभाग के डीन डॉ. शशि भूषण राय ने पत्रिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी पत्रिकाएँ प्रशिक्षुओं के बौद्धिक एवं सृजनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रशिक्षुओं में लेखन, चिंतन और सामाजिक चेतना का भी विकास होना आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के प्रो. डॉ. संजीव कुमार पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि महाविद्यालय की यह पत्रिका छात्रों की प्रतिभा और अकादमिक गुणवत्ता का प्रतीक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को निरंतर अध्ययन एवं शोध गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। एल.एन. मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, मुजफ्फरपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. विनय कुमार ने कहा कि पत्रिका किसी भी शैक्षणिक संस्थान की बौद्धिक पहचान होती है। इससे प्रशिक्षुओं को अपने विचार अभिव्यक्त करने का अवसर प्राप्त होता है।

कार्यक्रम में स्टैंडर्ड लीजर एंड इको सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्री आलोक कुमार शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षुओं को नवाचार एवं सामाजिक दायित्व के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।इस अवसर पर महाविद्यालय के बी.एड. संकाय के सहायक प्राध्यापक मनोज कुमार, डॉ. मो. निजामुद्दीन, सैयद मो. तहसीन आलम कादरी एवं डॉ. पवन कुमार आदि मौजूद थे। प्राचार्या डॉ. रोली द्विवेदी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि महाविद्यालय सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पत्रिका का यह सातवाँ संस्करण विद्यार्थियों की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अभिव्यक्तियों का सशक्त दस्तावेज है।










