समस्तीपुर में छुट्टे घूम रहे जहर के सौदागर, नशे की ओवरडोज ने ली एक और जान, बारहपत्थर चौर में संदिग्ध हालत में मिला युवक का शव


मिथिला पब्लिक न्यूज़, कमलेश झा ।
समस्तीपुर में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक ड्रग्स, ब्राउन शुगर जैसे जानलेवा नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है। जहर के कारोबारी जिले में छुट्टे घूम घूमकर ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं। नशे के इन कारोबारियों ने न्यू जेनरेशन को अपने गिरफ्त में ले रखा है। जो दिन-ब-दिन टीन एजर्स को नशे के दलदल में धकेलते जा रहे हैं। नशे के ओवरडोज से जानें जा रही हैं। कहने को तो नशे के इस कारोबार पर रोकथाम के लिए एंटी नारकोटिक्स सेल बनाया है। लेकिन पुलिस की यह नारकोटिक्स सेल बस पेपर पर ही काम कर रही है। या ये कहने में भी कोई गुरेज नहीं कि सब उसी के छत्रछाया में फलफूल रहा है।

सोमवार की सुबह एक और जवान युवक की मौत हो गई है। उसका शव समस्तीपुर शहर के बारहपत्थर चौरी में मिला है। बताया जाता है कि नगर निगम के वार्ड 34 में एक डॉक्टर के मकान के समीप खजूर के एक पेड़ के नीचे पड़ा हुआ था। शव मिलने की सूचना से सनसनी फैल गई है। हालांकि की मृत युवक की पहचान नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों की सूचना पहुंची पुलिस घटनास्थल पर पहुंच आगे की कार्रवाई में जुट गई है। शव को जप्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटनास्थल पर काफी संख्या में नशे की पुड़िया जैसा रैपर, डिस्पोजल सूई आदि मिली है। युवक के मुंह से झाग भी निकल रहा था। जिससे इस युवक की मौत के पीछे भी नशीली दवा की ओवरडोज होने की संभावना जताई जा रही है।


चाय-पान व किराना दुकान में बिकता है ड्रग्स :
जानकार सूत्रों की मानें तो ग्रामीण क्षेत्रों के चौक चौराहे पर स्थित चाय, पान, किराना और तम्बाकू के दुकानों पर चोरी छुपे ड्रग्स बेचे जा रहे हैं। बाजार से बाइक सवार तस्कर ग्रामीण क्षेत्रों के दुकानों में नशे की पुड़िया पहुंचा रहे हैं। आश्चर्यजनक तथ्य तो यह है कि पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती। जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के युवा पीढ़ी भी नशे के गर्त में डूबे जा रहे हैं। इसलिए आप सावधान हो जाएं। अपने बच्चों का खयाल रखें। साथ ही जहां भी इस तरह के सामान बिकने की जानकारी हो तो इसकी सूचना पुलिस के वरीय अधिकारियों को जरूर दें।

इन क्षेत्रों में फैल रहा धंधा :
ड्रग्स के धंधेबाज जिला मुख्यालय के अलावा मुफस्सिल थाना क्षेत्र, कल्याणपुर, मथुरापुर ओपी, खानपुर थाना, वारिसनगर, अंगारघाट थाना, मुसरीघरारी, दलसिंहसराय, रोसड़ा, विभूतिपुर एवं ताजपुर थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी नशे के सामानों की सप्लाई कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर मिडिल स्कूल और हाई स्कूलों के आसपास स्थित चाय-पान, नाश्ता, किराना के छोटे छोटे दुकानों में इसे पहुंचाया जा रहा है।

नशे की पुड़िया खरीदने के लिए करते हैं चोरी :
यह नई पीढ़ी को अपने गिरफ्त में ले चुका है। नशे के ओवरडोज से जिला मुख्यालय में कई युवकों की मौत भी हो चुकी है। युवा नशीली पदार्थो का सेवन कर अपनी जिंदगी तो बर्बाद कर ही रहे हैं, साथ ही अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपराधिक घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं। इसके कई मामले सामने आए हैं। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के घरों में चोरी करने वाले चोर के अलावा भी कई ऐसे युवक लूटपाट करने के आरोप में पकड़े जा चुके हैं जो ड्रग्स लेते थे। दो साल पूर्व पूसा के भूसकौल से हथियार के साथ गिरफ्तार बदमाश भी ड्रग्स का सेवन करते थे। ड्रग्स के कारोबार में रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में ही इन बदमाशों ने मुजफ्फरपुर के युवक पर गोली चला दी थी।

एसपी के नेतृत्व में बना है एंटी नारकोटिक्स सेल :
समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने ड्रग्स तस्करों पर नकेल कसने के लिए एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन किया था। जिसका प्रभारी सदर डीएसपी सह एएसपी संजय कुमार पांडेय को बनाया गया था। इसमें नगर थानाध्यक्ष मुफस्सिल थानाध्यक्ष एवं मथुरापुर थानाध्यक्ष को शामिल किया गया था। इस सेल को जिम्मेदारी सौंपी गयी है कि वे पता लगाएं कि शहर में कहां-कहां नशीले पदार्थों का कारोबार हो रहा है। कौन इसके डीलर हैं। कौन-कौन इसे बेच रहा है। किस इलाके में ज्यादा खपत हो रही है और कौन कौन इसका सेवन कर रहे हैं। लेकिन ये आदेश सिर्फ कागजी ही हैं। जानकार सूत्रों की मानें तो कई बार पुलिसकर्मियों ने ब्राउनसुगर के साथ कारोबारी को पकड़ा भी है, लेकिन डील हो जाने के बाद उसे रास्ते से ही छोड़ भी दिया जाता है।

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